दो दिन की बारिश खेती के लिए पर्याप्त नहीं

Updated at : 24 Jul 2018 6:10 AM (IST)
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दो दिन की बारिश खेती के लिए पर्याप्त नहीं

लोहरदगा : जिले में लगातार दो दिनों तक हुई वर्षा के बाद किसानों के चेहरे में खुशी देखी जा रही है. दो दिन में 58 मिली वर्षा रिकॉर्ड की गयी. इसके पूर्व जिले में मात्र 91.9 औसत वर्षा रिकॉर्ड की गयी थी. जिले के किस्को, कुडू एवं सेन्हा में सबसे ज्यादा बारिश हुई है एवं […]

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लोहरदगा : जिले में लगातार दो दिनों तक हुई वर्षा के बाद किसानों के चेहरे में खुशी देखी जा रही है. दो दिन में 58 मिली वर्षा रिकॉर्ड की गयी. इसके पूर्व जिले में मात्र 91.9 औसत वर्षा रिकॉर्ड की गयी थी. जिले के किस्को, कुडू एवं सेन्हा में सबसे ज्यादा बारिश हुई है एवं सबसे कम वर्षा कैरो एवं लोहरदगा में हुई है.
पानी के अभाव में किसान 20 जुलाई तक रोपनी नहीं कर सके थे. इधर लगातार दो दिन तक हुई वर्षा के बाद किसान अपनी खेतों में रोपनी का काम शुरू कर दिये हैं. हालांकि पिछले वर्ष जुलाई माह तक 100 प्रतिशत तक रोपनी हो चुकी थी.
इस वर्ष 20 जुलाई तक मात्र 2-3 प्रतिशत ही रोपनी हुई थी. इधर अच्छी वर्षा के बाद किसान अपने खेतों में भरपूर रोपनी के प्रयास में जुट गये हैं. हलांकि इस वर्षा से भी सिर्फ एक नंंबर खेतों में ही पानी जमा हो सका है. दो एवं तीन नंबर दोन में पानी जमा नहीं हो सका है. लोग वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे 2-3 नंबर खेतो में भी रोपनी का भरसक प्रयास कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि सावन महीना शुरू होने से पूर्व यदि रोपनी कर लिया जाता है, तो खेती निकल जायेगा.
हालांकि उत्पादन क्षमता में कमी आयेगी, जिन क्षेत्रों में बारिश अभी भी पर्याप्त नहीं हुई है, उस क्षेत्र के किसान तालाबो एवं नालो से किसी प्रकार जुगाड़ लगा कर पटवन करने में लगे हैं. पटवन कर ही किसी तरह खेतों में बिचड़ा गाड़ रहे हैं. उन्हे आशा है कि बारिश होगी. और खेती कम ही सही लेकिन हो जायेगी. इस संबंध में कृषि वैज्ञानिक शंकर सिंह का कहना है कि किसान अभी भी खेती करें तो पैदावार अच्छी होगी. बशर्ते बिचड़ा 40 दिनों से अधिक का न हो. उन्होंने बताया कि 25 से 30 दिन का बिचड़ा लगाने से पैदावार में कोई कमी नही आयेगी. उन्होंने बताया कि दो दिनों तक हुई वर्षा टांड़ खेती के लिए वरदान साबित हुई है. टांड़ में लगे विभिन्न फसल इस वर्षा के बाद अच्छे होंगे. इधर किस्को प्रतिनिधि से मिली सूचना के आधार पर किस्को प्रखंड क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है.
जिसके कारण किसान मायूस हैं. किस्को प्रखंड के परहेपाट पंचायत के जनवल गांव के किसान जरूरत के हिसाब से वर्षा नहीं होने से परेशान हैं. बारिश होने के बावजूद खेत सूखे पड़े हैं सारे किसानों का बिचड़ा तैयार हो चुका है. किसान जोरदार बारिश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खेतों में बारिश का पानी जमा हो, इससे धान की रोपाई की जा सके बता दें कि प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन चार दिन से बारिश हो रही है, लेकिन अनुमानित वर्षा नहीं होने के वजह से किसानों को रोपाई के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.
बहुत से किसानों की बिचड़े खराब होने की स्थिति में है. किसानों को बिचड़े खराब होने की डर सता रहा है. प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश गांव सूखे के चपेट में है नदी तालाब के आसपास खेतो वाले किसान किसी तरह सिंचाई कर रोपाई का काम कर रहे हैं एवं जिस किसानों का पानी का व्यवस्था नही हैं, वे वर्षा का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि कुछ दिनों तक यही हाल रहा, तो सारे बिचड़े खराब हो जायेंगे. किसानों का कहना है कि और पंद्रह दिन यही हाल रहा, तो पलायन करने के सिवाय कोई दूसरा रास्ता नहीं रह जायेगा.
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