रामगढ़ के आठ वार्डों की जमीन का निबंधन नहीं, परेशानी बढ़ी

Updated at : 04 Oct 2017 1:32 PM (IST)
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रामगढ़ के आठ वार्डों की जमीन का निबंधन नहीं, परेशानी बढ़ी

रामगढ़: झारखंड सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के कारण रामगढ़ शहर के लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में परेशानी हो रही है. रामगढ़ छावनी परिषद के आठ वार्डों की जमीन का निबंधन नहीं हो रहा है. हाल के दिनों में झारखंड सरकार के निर्णय के अनुसार निबंधन में जमीन का होल्डिंग नंबर देना अनिवार्य कर […]

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रामगढ़: झारखंड सरकार द्वारा लिये गये निर्णय के कारण रामगढ़ शहर के लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में परेशानी हो रही है. रामगढ़ छावनी परिषद के आठ वार्डों की जमीन का निबंधन नहीं हो रहा है. हाल के दिनों में झारखंड सरकार के निर्णय के अनुसार निबंधन में जमीन का होल्डिंग नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है. होल्डिंग नंबर नगर पंचायत, नगर परिषद व नगर निगम द्वारा दिया जा रहा है. इसके आधार पर रामगढ़ नगर परिषद जिन जमीन पर मकान नहीं बना है, उनका होल्डिंग नंबर देकर कर वसूल रही है.

इसका विरोध भी किया जा रहा है. अब निबंधन में जमीन का होल्डिंग नंबर अनिवार्य करने के कारण कंप्यूटरीकृत निबंधन में होल्डिंग नंबर नहीं देने से कंप्यूटर से निबंधन नहीं रहा है. इस निर्णय से छावनी परिषद के आठ वार्ड के लोगों को परेशानी हो रही है. छावनी परिषद खाली जमीन का होल्डिंग नंबर नहीं देती है. छावनी परिषद अपने यहां से भवन के नक्शे पारित करा कर मकान बनानेवालों को होल्डिंग नंबर आवंटित करती है आैर भवन कर लेती है. छावनी परिषद क्षेत्र के लोगों से जमीन की खरीद-बिक्री में निबंधन कार्यालय द्वारा जमीन का होल्डिंग नंबर मांग रही है. जब जमीन के बिक्रेता व खरीदार छावनी परिषद कार्यालय से खाली (परती) जमीन का होल्डिंग नंबर मांगते हैं, तो छावनी परिषद इसमें असमर्थता जताती है.

होल्डिंग नंबर की मांग की थी
रामगढ़ कॉलेज कॉलोनी निवासी शशिकला देवी ने छावनी परिषद से होल्डिंग नंबर मांगा था. इस पर छावनी परिषद के सीइओ ने कहा कि छावनी परिषद द्वारा होल्डिंग नंबर निर्गत नहीं किया जाता है और खाली जमीन से कर भी नहीं ली जा रही है. इसलिए मौजा 91 खाता नंबर 53 प्लाट नंबर 1010 वार्ड संख्या छह रकबा तीन डिसमिल का होल्डिंग नंबर देना संभव नहीं है. इस संबंध में निबंधन कार्यालय के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कहा कि यह सरकार का निर्णय है. पत्र भेज कर विभाग को इस परेशानी से अवगत कराया गया है, लेकिन निबंधन नहीं होने से जरूरतमंद लोग जमीन की खरीद-बिक्री नहीं कर पा रहे हैं.
क्या है मामला
राज्य सरकार ने जमीन निबंधन में खाली (परती) जमीन का होल्डिंग नंबर देना आवश्यक कर दिया है. झारखंड सरकार नगर विकास विभाग के नियम के अनुसार स्थानीय निकायों ने खाली जमीन पर भी होल्डिंग नंबर देकर टैक्स लेना शुरू कर दिया है. रामगढ़ छावनी परिषद खाली जमीन पर टैक्स नहीं लेती है. वह खाली जमीन का होल्डिंग नंबर नहीं प्रदान करती है. खाली जमीन पर टैक्स लेने व होल्डिंग नंबर देने का प्रावधान छावनी अधिनियम 2006 में नहीं है. इससे रामगढ़ के आठ वार्ड के लोगों को जमीन खरीद- बिक्री में परेशानी हो रही है.
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