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महंगाई बढ़ने से लोहरदगा के गृहिणियों को घर चलाना हुआ मुश्किल, हर तबके के लोग परेशान

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
लोहरदगा के गृहिणियों को घर चलाना हुआ मुश्किल
लोहरदगा के गृहिणियों को घर चलाना हुआ मुश्किल
प्रतीकात्मक तस्वीर.

वैश्विक महामारी से पूरा देश परेशान है. इसको लेकर जारी स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह से हर तबके के लोग परेशान हैं. ऊपर से महंगाई ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. खाद्य सामग्री, सब्जी व फलों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि हुई है. बाजार में सरसों तेल 166 रुपये प्रति लीटर, रिफाइन 150 रुपये प्रति लीटर, बाबा चावल 32 रुपये किलो, आटा 120 में पांच किलो, अरहर दाल 105 रुपये किलो, उरद दाल 105 रुपये किलो, मसूर दाल 70 रुपये किलो, पतंजलि फाॅर्च्यून 153 रुपये, जालान बेसन 105 रुपये किलो, गोलकी 1000 रुपये किलो, जीरा 250 रुपये किलो, हल्दी 150 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है.

किराना सामान की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि होने से महिलाओं को घर चलाना मुश्किल हो रहा है. इस तरह सब्जियों की कीमतों में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. बाजार में आलू 20 रुपये, टमाटर 20 रुपये, फूलगोभी 50 रुपये, खीरा 30 रुपये, प्याज 30 रुपये, नेनुआ 30 रुपये, परवल 40 रुपये, लहसुन 150 रुपये, अदरक 80 रुपये, अदरक 80 रुपये, गाजर 40 रुपये, शिमला 80 रुपये, बोदी 30 रुपये, भिंडी 30 रुपये प्रति किलो बाजार में बिक रहा है.

इस तरह फलों की मूल्य में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. सेब 220 रुपये, माल्टा 120 रुपये, अंगूर 120 रुपये, अनार 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. इसके अलावा आम 50 रुपये किलो व केला 50 रुपये प्रति दर्जन के हिसाब से बेचा जा रहा है. सब्जी व फलों की कीमत से आम जनता परेशान है. इधर गृहिणियों का कहना है कि महंगाई की मार से थाली से सब्जियां घटती जा रही है.

दाल रोटी भी मुश्किल से जुगाड़ हो पा रहा है. मध्यम वर्गीय परिवार को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में महिलाओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. महिलाओं ने बताया कि सब्जियों व फलों की कीमतें आसमान छू रही हैं. इधर, रोजमर्रा कि वस्तु भी महंगी हो गयी है. इस संबंध में गृहिणी रंजु देवी ने कहा कि जरूरी सामान की कीमतें आसमान छू रही है. घर चलाना मुश्किल हो रहा है. महीने भर का बजट बना कर चलते थे.

अब वहीं बजट आधे महीने का हो गया है. मनीषा देवी का कहना है कि महंगाई एक गंभीर समस्या है. महंगाई देश के लिए बड़ा आर्थिक संकट भी है. महंगाई की मार से हर तबके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पुष्पा सिंह का कहना है कि खाने-पीने के सामान के दामों में वृद्धि से मध्यम वर्गीय परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इधर, दुकानदार लॉक डाउन का बहाना बना कर ऊंची कीमत ले रहे हैं.

कुंती गोराई का कहना है कि लॉकडाउन के समय किराना के सामान की कीमत बढ़ गयी है. पहले जो सामान का दाम बाजार में कम था आज उसका दाम काफी बढ़ गया है. आशा देवी का कहना है कि सामानों के दाम में बड़ी कीमत के कारण गृहिणियों को घर चलाना मुश्किल हो रहा है. सामान की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी से जनता परेशान है. राजवंती देवी का कहना है कि लॉकडाउन में महंगाई बढ़ी नहीं, इसे दुकानदारों ने बढ़ा दिया है.

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