कैसे हुई हाथी की मौत? बालूमाथ में पोस्टमार्टम के बाद जांच रिपोर्ट का इंतजार

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पोस्टमार्टम करने पहुंची टीम व विभाग के अधिकारी. | Prabhat Khabar Network

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बालूमाथ में मिले जंगली हाथी के शव का पोस्टमार्टम हुआ. रांची से आई डॉक्टरों की टीम ने जांच की और बिसरा सुरक्षित रखा. मौत के कारणों का खुलासा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा.

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बालूमाथ (लातेहार). मारंगलोइयां पंचायत के बिशुनपुर वन क्षेत्र में मिले जंगली हाथी के शव का गुरुवार को चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए चिकित्सकों ने शव की जांच की. पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया है. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा.

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रांची से पहुंची चिकित्सकों की टीम

पोस्टमार्टम के लिए रांची से चिकित्सकों की टीम बालूमाथ पहुंची थी. टीम में डॉ. गणेश राम महली, डॉ. नीलिमा तिर्की और डॉ. थानेश उरांव शामिल थे. इसके अलावा चकला और नगर क्षेत्र से भी चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची थी. पोस्टमार्टम के दौरान वन विभाग के रेंजर नंद कुमार मेहता, वनपाल आनंद चौधरी और वन क्षेत्र के इंचार्ज कैलाश साव समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे.

मृत हाथी की जांच करते चिकित्सक.  | Prabhat Khabar Network
मृत हाथी की जांच करते चिकित्सक. | Prabhat Khabar Network

चार-पांच दिन पुराना बताया जा रहा शव

डीएफओ प्रवेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि हाथी का शव मिलने की सूचना के बाद से ही वन विभाग की टीम घटनास्थल की निगरानी कर रही थी. रात में भी विभाग के कर्मियों को मौके पर तैनात रखा गया था. उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखा गया है. प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी की मौत करीब चार-पांच दिन पहले हुई होगी. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.

पहले भी हो चुकी है हाथियों की मौत

बालूमाथ वन क्षेत्र में हाथियों की मौत का यह पहला मामला नहीं है. सितंबर 2026 में झाबर पंचायत के कोमर गांव स्थित कुसीटोला में करंट की चपेट में आने से एक वयस्क हाथी की मौत हुई थी. अक्टूबर 2025 में गणेशपुर पंचायत क्षेत्र के धान के खेत में करीब 15 दिन के हाथी के बच्चे का शव मिला था.

इससे पहले सितंबर 2021 में गणेशपुर गांव के हाड़ी जंगल में भी हाथी के बच्चे की मौत हुई थी. जुलाई 2022 में रेंची जंगल में भी हाथी मृत मिला था. क्षेत्र में लगातार हाथियों की मौत के मामले सामने आने से वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है.

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