बाहरी खिलाड़ियों के चयन पर हंगामा

Updated at : 02 Jan 2016 11:31 PM (IST)
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बाहरी खिलाड़ियों के चयन पर हंगामा

झुमरीतिलैया : कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन (केडीसीए) की चयन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गयी है. बाहरी खिलाड़ियों के चयन को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों ने शनिवार को कोडरमा स्टेशन पर हंगामा किया. कोडरमा की टीम अंडर-19 एलिड ग्रुप के तीन जनवरी से बोकारो में होने वाले मैच में शामिल होने के लिए जा […]

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झुमरीतिलैया : कोडरमा जिला क्रिकेट एसोसिएशन (केडीसीए) की चयन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गयी है. बाहरी खिलाड़ियों के चयन को लेकर स्थानीय खिलाड़ियों ने शनिवार को कोडरमा स्टेशन पर हंगामा किया. कोडरमा की टीम अंडर-19 एलिड ग्रुप के तीन जनवरी से बोकारो में होने वाले मैच में शामिल होने के लिए जा रही थी, तभी कई स्थानीय खिलाड़ी व अन्य पुराने खिलाड़ी स्टेशन पहुंचे और टीम को पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस से बोकारो नहीं जाने दिया. हंगामा होता देख टीम में शामिल कुछ दूसरे राज्य के खिलाड़ी फरार हो गये़ दो बाहरी खिलाड़ियों को पकड़ लिया गया.
करीब एक घंटे तक कोडरमा स्टेशन पर हंगामा होता रहा. बाद में स्थानीय खिलाड़ी सभी को लेकर तिलैया थाना चले गये. यहां थाना प्रभारी को एक आवेदन देकर जांच की मांग की.
उपायुक्त को भी आवेदन दिया गया. विरोध करने वालों में स्थानीय खिलाड़ी पृतम कुमार, हन्नी कुमार, आशीष कुमार, राहुल कुमार, शंकर, सिकेंद्र के अलावा सीनियर खिलाड़ी धर्मेंद्र सिंह, सोनू खान उर्फ फरहत खान आदि शामिल थे.
खाली आवेदन पत्र के साथ ही प्रमाणपत्र भी मिले : टीम में कुल 22 खिलाड़ियों का चयन किया गया था. इनमें से 17 खिलाड़ी ही स्टेशन पर पहुंचे थे. बाद में अन्य खिलाड़ियों को सीधे बोकारो में शामिल कर लिया जाता. यही नहीं कोच के पास से स्थानीय खिलाड़ियों ने जो सूची बरामद की, उसमें खाली आवेदन पत्र भी था.
प्रमाणपत्र भी कुछ खाली पाया गया. हालांकि कोच का तर्क था कि कुछ गलती होने पर इसे इस्तेमाल किया जाता.दोनों खिलाड़ी अपने बारे में नहीं दे सके सही जवाब : स्थानीय खिलाड़ियों ने चयनित हिमांशु वर्मा (पिता आशुतोष वर्मा, गोरखनाथ, गोरखपुर, उत्तरप्रदेश) व विजय कुमार (पिता रामशीष यादव, हुसैनगंज, सीवान, बिहार) के चयन का विरोध जताया. हालांकि इन दोनों खिलाड़ियों का तर्क था कि वे जिले के ही रहने वाले हैं, लेकिन इन्होंने जो दस्तावेज जमा किये थे वे दूसरे प्रदेश का निकला. हिमांशु से जब पूछा गया कि घर कहां है,तो उसने बताया काली माता मंदिर के पास़ मुहल्ले का नाम पूछने पर वह नहीं बता पाया.
उसने कहा कि हम बाहर रहते हैं, पर मेरे दादा दादी यहीं के हैं. वहीं विजय कुमार ने कहा कि उसका स्थानीय पता मदनगुंडी चंदवारा है और चाचा के साथ रहता है, लेकिन जब पूरी पड़ताल की गयी तो वह भी बातों को टालने लगा.
तीन साल का लग सकता है बैन : बोकारो में होने वाले एलीट ग्रुप के मैच में अगर अंडर-19 कोडरमा की टीम इस बार शामिल होने के लिए नहीं जाती है, तो नियमानुसार कोडरमा की टीम अगले तीन साल तक के लिए बैन कर दी जायेगी. ऐसे में टीम को बोकारो भेजे जाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है.
फर्जी खिलाड़ियों के मामले में पहले से चल रहा है केस : केडीसीए की चयन प्रक्रिया दूसरी बार विवाद में फंसी है. केडीसीए के नये पदाधिकारियों ने वर्ष 2010 में काम काज शुरू किया था.
इसके बाद वर्ष 2012 में पूर्व सचिव अरुण सूद ने आरोप लगाया था कि कोडरमा की टीम में दिल्ली व मेरठ के देवेंद्र कुमार, संदीप मल्लिक, मोहित त्यागी का चयन किया गया है. उन्होंने मामले को लेकर तत्कालीन उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया था.
उपायुक्त ने मामले की जांच डीएसइ को सौंपी थी. डीएसइ ने अपनी जांच में पाया था कि इन खिलाड़ियों का आवासीय प्रमाणपत्र नगर पर्षद झुमरीतिलैया का दिखाया गया है, जो कि फर्जी है. एसपी ने पूरे मामले में अरुण सूद को केस दर्ज कराने को कहा था. बाद में उन्होंने वर्ष 2013 में तिलैया थाना में मामला दर्ज कराया था़ अध्यक्ष सुनील जैन व सचिव प्रदीप छाबड़ा को आरोपी बनाया गया था. केस अभी अदालत में है.
चयन टीम में ये हैं शामिल : केडीसीए की चयन टीम में इस बार अध्यक्ष सुनील जैन के अलावा उप सचिव कृष्णा बरहपुरिया, उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा के अलावा सदस्य उमेश सिंह, जोनल अंपायर जय पांडेय, सीनियर खिलाड़ी पवन सिंह, पंकज सिंह शामिल थे.
टीम के चयन को लेकर 52 खिलाड़ियों का ट्रायल पुलिस लाइन चंदवारा में 6 से 30 दिसंबर तक कराया गया. खिलाड़ियों का भी आरोप था कि बाहरी को शामिल करने के लिए ट्रायल जान-बूझ कर शहर से दूर पुलिस लाइन में कराया जाता है. टीम की रवानगी की सूचना भी किसी को नहीं दी गयी.
सभी खिलाड़ी स्थानीय
केडीसीए के अध्यक्ष सुनील जैन ने कहा कि लगाये गये आरोप बेबुनियाद हैं. नियमानुसार झारखंड, बिहार के खिलाड़ी टीम में शामिल हो सकते हैं, लेकिन इस टीम में सभी स्थानीय हैं. कुछ खिलाड़ियों का चयन नहीं हुआ, तो उन्होंने विरोध किया. हम मिल बैठ कर इसका रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं.
चयन के लिए मोटी रकम मांगने का आरोप
स्थानीय खिलाड़ी प्रीतम कुमार पिता मुन्ना राउत ने कोच सुमन कुमार सिन्हा पर टीम में शामिल करने के नाम पर 15 हजार रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया. वहीं हन्नी कुमार पिता दलजीत सिंह, आशीष कुमार पिता स्व ओमप्रकाश यादव ने आरोप लगाया कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया जाता.
आशीष ने बताया कि वह टॉप स्कोरर था, पर उसका चयन नहीं किया गया. खिलाड़ियों का यह भी आरोप था कि बाहरी खिलाड़ियों से मोटी रकम लेकर उनका चयन किया जाता है. विरोध करने वाले खिलाड़ियों ने केडीसीए के पदाधिकारियों के खिलाफ भी नारेबाजी की और केडीसीए के अध्यक्ष सुनील जैन व कोच सुमन को खरी खोटी सुनायी.
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