गम्हरिया थाना में महिला से दुष्कर्म का आरोप, टूटी चूड़ियां-चेहरे पर खरोंच..सुबह 700 रुपये देकर भेजा स्टेशन
गोलमुरी थाना व लाल घेरे में आरोपी सिपाही नीरज लकड़ा
पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया है कि शुक्रवार सुबह एक पुलिसकर्मी कमरे में आया. उसने कपड़े खरीदने और घर जाने के किराये के लिए आरोपी से 700 रुपये लेकर उसे दिये. पढ़ें पूरा मामला.
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना में सुरक्षा की गुहार लेकर पहुंची एक महिला के साथ थाने के ही वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है. पीड़िता का आरोप है कि देर रात कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया गया. इस दौरान उसने शोर मचाकर मदद मांगी, लेकिन आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे चार पुलिसकर्मी उसे बचाने के बजाय वहां से लौट गये. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. वहीं, थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी से की गयी है. मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की गयी है.
एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने बताया कि पीड़िता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. उसे मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है. घटना के बाद शनिवार को दिनभर गम्हरिया थाना में गहमागहमी का माहौल रहा.
सब्जी में नमक ज्यादा होने पर पति से हुआ था विवाद
एसडीपीओ के अनुसार, पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया है कि गुरुवार को सब्जी में नमक ज्यादा होने को लेकर उसका पति से विवाद हुआ था. इस दौरान पति ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी. हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया और शाम को दोनों साथ में गम्हरिया आये. रात करीब 9:30 बजे घर लौटने के दौरान झुरकुली के पास पति का एक दोस्त मिला. इसके बाद पति उसके साथ बैठकर शराब पीने लगा. इसी दौरान सुबह पति की ओर से दी गयी धमकी और वहां के माहौल को देखकर महिला डर गयी और वहां से भाग निकली.
इसके बाद वह एसिड कंपनी के समीप एक घर में पहुंची. वहां मौजूद महिला को पूरी बात बताकर पुलिस बुलाने की गुहार लगायी. रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाना की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और महिला को थाने ले आयी. पीड़िता को रात गुजारने के लिए एक कमरे में ठहराया गया था. आरोप है कि देर रात वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया.

शोर मचाने पर पहुंचे चार पुलिसकर्मी, लेकिन नहीं की मदद
पीड़िता के अनुसार, घटना के दौरान उसने शोर मचाकर बचाव की गुहार लगायी. आवाज सुनकर चार पुलिसकर्मी कमरे के पास पहुंचे, लेकिन उसे बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और वहां से लौट गये. इस दौरान खुद को बचाने के लिए संघर्ष करने में उसकी चूड़ियां टूट गयीं और चेहरे पर कई जगह खरोंच के निशान आ गये.
पीड़िता ने बताया कि कमरे में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से उसने आरोपी पर वार कर दिया. इससे नीरज लकड़ा की एक उंगली में चोट लग गयी और खून निकलने लगा. महिला के कपड़ों पर भी खून के धब्बे लग गये.
सुबह 700 रुपये देकर ऑटो से स्टेशन भेजा
पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया है कि शुक्रवार सुबह एक पुलिसकर्मी कमरे में आया. उसने कपड़े खरीदने और घर जाने के किराये के लिए आरोपी से 700 रुपये लेकर उसे दिये. इसके बाद ऑटो से गम्हरिया रेलवे स्टेशन पहुंचाया और मायके चले जाने को कहा.
रेलवे स्टेशन पर पति से मिली, तब सामने आयी घटना
जानकारी के अनुसार, पीड़िता को सुबह मायके जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी. इधर, पत्नी की तलाश करते हुए उसका पति गम्हरिया रेलवे स्टेशन पहुंचा था. इसी दौरान महिला की नजर पति पर पड़ी और वह उसके पास पहुंची. उसने पति को थाने में हुई पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद शनिवार को पीड़िता गम्हरिया थाना पहुंची और वायरलेस ऑपरेटर के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करायी.
एसपी के निर्देश पर देर रात थाना पहुंचे एसडीपीओ
बताया जाता है कि शुक्रवार रात घटना की जानकारी एसपी समेत वरीय पुलिस अधिकारियों को मिली. एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज देर रात गम्हरिया थाना पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद आरोपी वायरलेस ऑपरेटर को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गयी. शनिवार को पीड़िता की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
फॉरेंसिक टीम ने कमरे में जुटाये साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार दोपहर करीब तीन बजे रांची से फॉरेंसिक टीम गम्हरिया थाना पहुंची. टीम ने एसडीपीओ से घटना की जानकारी लेने के बाद उस कमरे का निरीक्षण किया, जहां कथित तौर पर घटना हुई थी. इस दौरान कमरे में मौजूद विभिन्न साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच की गयी.
थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की अनुशंसा
मामले में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा के अलावा थाना प्रभारी संजय प्रसाद, अनिरुद्ध सिंह, मनोज साहू और संतोष राय के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी से की गयी है. वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआइटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है.
घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है: एसडीपीओ

एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने कहा की घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है. पीड़िता की लिखित शिकायत मिलने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है. पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है. एसआइटी गठित कर मामले की जांच की जा रही है. आरोपी के अलावा थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा एसपी को भेजी गयी है.
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