Vietnam Road Accident : जितिया का व्रत खोलते ही दरवाजे पर पहुंचा बेटे का शव, मां की चीख से दहल उठा कदमा
विनय कुमार (फाइल फोटो).
जितिया का व्रत खोलते ही वियतनाम से बेटे का शव घर पहुंचा. मां की मार्मिक चीखें सुनकर पूरा इलाका गमगीन हो गया. यह हृदय विदारक घटना कदमा में हुई.
जमशेदपुर : शनिवार को मां ने बेटे की सलामती के लिए जितिया का कठिन व्रत रखा था. रविवार को व्रत का पारण किया और अभी घर में बैठी ही थीं कि दरवाजे पर बेटे का पार्थिव शरीर पहुंच गया. बेटे का नाम सुनते ही लग्न देवी बदहवास होकर गिर पड़ीं. कुछ पल बाद बेटे के शव से लिपटकर उनकी चीख निकल पड़ी- “बेटा, तुम्हारे लिए उपवास किया है... उठ जाओ. तुम मुझे छोड़कर नहीं जा सकते. ऐसे शांत मत रहो, कितना सोओगे... उठ जाओ ना.
सभी की आंखें हो गयीं नम
कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-4 में रविवार को यह मार्मिक दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गयीं. बेटे की सलामती के लिए मां ने जितिया का व्रत रखा था, लेकिन व्रत खोलने के कुछ ही देर बाद उसी बेटे का शव सामने था. मां बार-बार शव से लिपटकर रोती रहीं और कहती रहीं कि “तेरी ही सलामती के लिए जितिया का व्रत रखा था और तुम ही छोड़कर चले गये... ऐसा क्यों किया.” मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास का माहौल गमगीन हो गया. पिता रमेश कुमार समेत परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था. परिवार के लोग बारी-बारी से विनय के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करते रहे.

बेटे की अर्थी उठी तो घर में मचा कोहराम
घर से जब विनय की अर्थी निकली तो एक बार फिर माहौल चीख-पुकार से भर गया. परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. बड़ी संख्या में लोग नम आंखों से विनय को अंतिम विदाई देने पहुंचे. शोकाकुल माहौल के बीच अंतिम यात्रा बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पहुंची, जहां विनय कुमार का अंतिम संस्कार किया गया.
योग प्रशिक्षण देने वियतनाम गये थे विनय
कदमा शास्त्रीनगर निवासी विनय कुमार करीब दो वर्ष पहले योग प्रशिक्षण देने के लिए वियतनाम गये थे. 25 सितंबर की रात हल्की बारिश के दौरान विनय और रांची निवासी राजा कुमार स्कूटी से घर लौट रहे थे. इसी दौरान बारिश के कारण स्कूटी फिसल गयी और अनियंत्रित होकर सामने से आ रही ओमनी कार से टकरा गयी. हादसे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी थी.
सांसद और केंद्रीय मंत्रियों की पहल के बाद जमशेदपुर पहुंचा शव
विदेश में हुए हादसे के बाद विनय के पार्थिव शरीर को जमशेदपुर लाने के लिए परिवार की ओर से प्रयास किये गये. सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की पहल के बाद शनिवार देर रात विनय का शव जमशेदपुर पहुंचा. शव को पहले टीएमएच में रखा गया. रविवार को परिजन अंतिम संस्कार से पहले विनय के पार्थिव शरीर को लेकर कदमा स्थित आवास पहुंचे. बेटे को आखिरी बार घर की चौखट पर देखकर परिवार का दर्द एक बार फिर फूट पड़ा. जिस घर में मां ने बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए जितिया का व्रत रखा था, उसी घर से रविवार को बेटे की अर्थी उठी. जितिया की खुशियों के बीच आया यह मातम पूरे इलाके को गमगीन कर गया.
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