जमशेदपुर : पांच तक काम पर लौटें पारा शिक्षक, नहीं तो बर्खास्त

Updated at : 19 Dec 2018 7:38 AM (IST)
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जमशेदपुर  :  पांच तक काम पर लौटें पारा शिक्षक, नहीं तो बर्खास्त

जमशेदपुर : राज्य के पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. 16 नवंबर से लेकर अब तक वे स्कूल से दूर हैं. इसे लेकर सरकार गंभीर है. सरकार के स्तर से इस मसले में 15 जनवरी से पूर्व फैसला ले लेने का आदेश दिया गया है. यही कारण है कि उपायुक्त की अोर से पूर्वी सिंहभूम जिले […]

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जमशेदपुर : राज्य के पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. 16 नवंबर से लेकर अब तक वे स्कूल से दूर हैं. इसे लेकर सरकार गंभीर है. सरकार के स्तर से इस मसले में 15 जनवरी से पूर्व फैसला ले लेने का आदेश दिया गया है.
यही कारण है कि उपायुक्त की अोर से पूर्वी सिंहभूम जिले के पारा शिक्षकों के लिए एक पत्र जारी करने के साथ ही अखबार में विज्ञापन के जरिये उन्हें सार्वजनिक रूप से यह सूचित किया गया है कि वे हर हाल में पांच जनवरी तक काम पर लौट जायें. उन्हें काम पर लौटने का अंतिम मौका दिया जा रहा है. अगर पांच तक काम पर नहीं लौटते हैं, तो उन्हें कार्य मुक्त कर दिया जायेगा.
मंगलवार को उपायुक्त की अोर से जारी एक पत्र में साफ तौर पर इस बात का उल्लेख किया गया है कि बिना पूर्व सूचना के सभी पारा शिक्षक पिछले 16 नवंबर से गायब हैं. जबकि नियमानुसार एक महीने से ज्यादा समय पर बिना अनुमति के गायब रहने पर उन्हें कार्य मुक्त करने से संबंधित कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि इससे पूर्व उन्हें दो बार शोकॉज जारी कर उनका पक्ष भी जाना जाये.
उक्त नियमानुसार जिला शिक्षा विभाग की अोर से दो बार शोकॉज नोटिस जारी किया गया है, लेकिन पारा शिक्षकों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है. लेकिन विभाग की अोर से रजिस्टर्ड डाक से भी शोकॉज नोटिस दिया गया है. इधर, विभाग की अोर से दी गयी जानकारी के अनुसार मंगलवार तक कुल 196 पारा शिक्षक काम पर लौट चुके हैं. धीरे-धीरे उनके काम पर लौटने का सिलसिला जारी है.
पारा शिक्षकों की मौत के विरोध में साथियों ने निकाला कैंडल मार्च
पारा शिक्षकों का आक्रोश बढ़ रहा है. पिछले दिनों रांची में विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल पारा शिक्षक की मौत हो गयी. इस मौत को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिले के पारा शिक्षकों ने मंगलवार को कैंडल मार्च निकाला. एकीकृत पारा शिक्षक संघ के बैनर तले सभी पारा शिक्षक मंगलवार की शाम साकची आमबागान मैदान में जुटे. यहां से उन्होंने जुलूस की शक्ल में साकची गोलचक्कर तक का मार्च किया.
इस दौरान सभी ने सरकार विरोधी नारे भी लगाये अौर मृत पारा शिक्षक की आत्मा की शांति की कामना की. एकीकृत पारा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुमित तिवारी ने कहा कि पारा शिक्षक अपनी मांगों पर डटे हैं. उन्होंने काम पर नहीं लौटने की घोषणा की. कहा कि स्थायीकरण को लेकर आंदोलन जारी रहेगा.
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