बड़कागांव गोली कांड केस डायरी में टाइगर ग्रुप का जिक्र नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Dec 2016 7:44 AM (IST)
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सुरजीत सिंह रांची : हजारीबाग के बड़कागांव में एक अक्तूबर को हुई गोली कांड की घटना के सुपरविजन रिपोर्ट और केस डायरी में टाइगर सेना का नाम नहीं है. केस डायरी में पुलिस-प्रशासन के जिन पदाधिकारियों ने बयान दर्ज किया है, उन्हें हर जगह उपद्रवी शब्द का इस्तेमाल किया है. पुलिस ने घटना में योगेंद्र […]
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सुरजीत सिंह
रांची : हजारीबाग के बड़कागांव में एक अक्तूबर को हुई गोली कांड की घटना के सुपरविजन रिपोर्ट और केस डायरी में टाइगर सेना का नाम नहीं है. केस डायरी में पुलिस-प्रशासन के जिन पदाधिकारियों ने बयान दर्ज किया है, उन्हें हर जगह उपद्रवी शब्द का इस्तेमाल किया है. पुलिस ने घटना में योगेंद्र साव द्वारा संचालित टाइगर सेना के लोगों के शामिल होने की बात कही थी.
घटना के एक सप्ताह के भीतर पुलिस की अनुशंसा पर सरकार ने टाइगर सेना को प्रतिबंधित संगठन घोषित करने का आदेश जारी किया था. जानकारी के मुताबिक अक्तूबर को पुलिस ने विधायक निर्मला देवी को धरना स्थल से गिरफ्तार किया था. जिसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला कर विधायक को छुड़ा लिया. पुलिस फायरिंग में चार ग्रामीणों की मौत हो गयी थी और एएसपी अभियान कुलदीप कुमार, सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गये थे. एक अक्टूबर को पुलिस मुख्यालय के तत्कालीन प्रवक्ता आइजी एमएस भाटिया ने एक प्रेस बयान जारी किया था. जिसके तीसरे पैराग्राफ की तीसरी लाइन में कहा था कि भीड़ में योगेंद्र साव द्वारा संचालित टाइगर सेना के सदस्य भी मौजूद थे, जो लाठी-डंडा एवं पारंपरिक हथियार से लैस थे. उस भीड़ ने पहले विधायक को छुड़ाया. फिर पुलिस पर हमला किया और वाहनों में तोड़-फोड़ की.
एएसपी कुलदीप कुमार के बयान पर पुलिस ने दो अक्टूबर को 228/2016 दर्ज किया था. प्राथमिकी में भी पुलिस ने टाइगर सेना का नाम नहीं लिखा है. घटना का सुपरविजन किया जा चुका है. साथ ही अनुसंधानक इंस्पेक्टर विजय शंकर ने 16 नवंबर 2016 तक की केस डायरी कोर्ट को सौंप दी है. सुपरविजन और केस डायरी में कहीं भी टाइगर ग्रूप का नाम नहीं आया है.
न तो घटनास्थल पर उपस्थित पुलिस व प्रशासन के पदाधिकारियों ने और न ही एनटीपीसी के पदाधिकारियों ने टाइगर ग्रूप का नाम लिया है. एनटीपीसी के अधिकारी व त्रिवेणी सैनिक माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों ने अपने बयान में योगेंद्र साव व निर्मला देवी पर अपने पुत्र अंकित राज की कंपनी को काम देने के लिए पत्र लिखने व दबाव बनाने के आंदोलन कर काम रोकने की बात कहा है. लेकिन टाइगर सेना द्वारा धमकी दिये जाने या काम रोकने का जिक्र नहीं है. केस डायरी के क्रमांक 122वां में अनुसंधानक ने दो मई 2016 को बड़कागांव थाना में दर्ज स्टेशन डायरी का जिक्र किया है. इसमें भी टाइगर सेना का नाम कहीं दर्ज नहीं है.
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