जेना नदी में पुल नहीं होने से होती है परेशानी, कंधे में लाद कर बाइक पार करते हैं ग्रामीण

Updated at : 30 Aug 2021 1:20 PM (IST)
विज्ञापन
जेना नदी में पुल नहीं होने से होती है परेशानी, कंधे में लाद कर बाइक पार करते हैं ग्रामीण

गांव की आबादी करीब एक हजार है. यह गांव शिक्षित है. परंतु स्वतंत्र भारत में इस गांव की जिंदगी शहरी जीवन से कटा हुआ है.

विज्ञापन

पालकोट प्रखंड के देवगांव मौजा में जेना गांव है. गांव की आबादी करीब एक हजार है. यह गांव शिक्षित है. परंतु स्वतंत्र भारत में इस गांव की जिंदगी शहरी जीवन से कटा हुआ है. इसका मुख्य कारण जेना नदी में पुल नहीं होना है.

पुल नहीं रहने के कारण यहां के लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. अगर कोई भी गांव से बाहर निकल रहे हैं या गांव के अंदर घुस रहा है, तो नदी से पार करने के लिए मोटर साइकिल को कंधे पर लाद कर पार करना पड़ता है.

ग्रामीण कहते हैं. हमारी जिंदगी ऐसी है. हर दिन बाइक को कंधे में बोह कर पार करना पड़ता है. यहां बड़ा संकट है. तेज बहाव होने पर नदी पार नहीं करते हैं. कारण नदी में बहने का डर रहता है. स्वास्थ्य सबसे बड़ी समस्या है. बीमार व्यक्ति को खटिया में लादकर नदी से पार करते हैं.

पढ़ाई पर भी असर पड़ता है. नदी में बाढ़ रहने पर छात्र स्कूल नहीं जा पाते हैं. देश की आजादी के 75 साल पूरे हो गये. परंतु जेना गांव की तस्वीर नहीं बदल रही है. गांव के लोगों ने सांसद, विधायक वा प्रशासन से जेना नदी में पुल बनवाने की मांग की है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola