अस्पताल में बिजली नहीं, रात को नहीं बैठते डॉक्टर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :13 Jul 2016 8:10 AM (IST)
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भरनो प्रखंड के जोरकोडीपा में 30 बेड का नया अस्पताल भवन बना है. यह वीरान जगह है. सुविधाओं का अभाव है. रास्ता भी खराब है, इसलिए नया भवन में दिन में इलाज व पुराने अस्पताल भवन में रात को मरीजों का इलाज होता है. भरनो(गुमला) : भरनो प्रखंड के जोरकोडीपा में नया अस्पताल भवन बन […]
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भरनो प्रखंड के जोरकोडीपा में 30 बेड का नया अस्पताल भवन बना है. यह वीरान जगह है. सुविधाओं का अभाव है. रास्ता भी खराब है, इसलिए नया भवन में दिन में इलाज व पुराने अस्पताल भवन में रात को मरीजों का इलाज होता है.
भरनो(गुमला) : भरनो प्रखंड के जोरकोडीपा में नया अस्पताल भवन बन गया है. सात जुलाई से यह शुरू हो गया है, लेकिन बिजली नहीं रहने के कारण रात को अस्पताल में डॉक्टर नहीं बैठते हैं. रात को अस्पताल भूत बंगला बन जाता है.
ऐसे दिन के उजाले में सुबह नौ से दिन के तीन बजे तक नये अस्पताल में मरीजों की जांच होती है. तीन बजे के बाद अस्पताल खाली हो जाता है और भरनो मुख्य चौक के किनारे स्थित पुराने अस्पताल भवन में डॉक्टरों की ड्यूटी शुरू हो जाती है.
नया अस्पताल जाने के लिए सड़क भी खराब है. मनरेगा से वर्षों पहले सड़क बनी थी, लेकिन जगह-जगह डेढ़ से दो फीट गड्ढा हो गया है. रात में राहगीर आये दिन गड्ढे में गिरते हैं. अस्पताल की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए प्रखंड बीस सूत्री के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता व सांसद प्रतिनिधि रामनंदन साही ने मंगलवार को डीसी श्रवण साय से मुलाकात कर अस्पताल की समस्या को दूर करने की मांग की है.
श्री गुप्ता ने डीसी से कहा कि बिजली व सड़क के अभाव में नये अस्पताल भवन का सही तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है. इसपर डीसी ने तुरंत बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को फोन कर अस्पताल में नया ट्रांसफारमर लगाते हुए बिजली कनेक्शन देने के लिए कहा है. डीसी ने कहा कि बिजली के लिए विभाग को पहले ही पैसा जमा कर दिया गया है. उन्होंने सड़क बनवाने का आश्वासन दिया.
तीन करोड़ से बना है भवन
अनिल गुप्ता ने बताया कि पुराने अस्पताल भवन की स्थिति को देखते हुए जोरकोडीपा में तीन करोड़ रुपये की लागत से नया अस्पताल भवन बनाया गया है. जहां अस्पताल बना है, वह सुनसान इलाका है. यहां सुविधाओं का भी अभाव है. अगर पानी, बिजली व सड़क की समस्या दूर हो जाये, तो यह अस्पताल लोगों के लिए वरदान साबित होगा. 30 बेड का अस्पताल है.
सुविधाओं की कमी है : सीएस
सीएस डॉ जेपी सांगा ने बताया कि सुविधाओं की कमी को देखते हुए अभी सुबह नौ से दिन के तीन बजे तक नये भवन में ओपीडी संचालित किया जा रहा है. इसके बाद पुराने अस्पताल भवन में इमरजेंसी सेवा शुरू होती है. नये भवन में जैसे ही सभी सुविधा उपलब्ध हो जायेगी, पूरा अस्पताल नये भवन में संचालित होने लगेगा.
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