पांच करोड़ का भवन धूल फांक रहा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Jun 2017 10:29 AM (IST)
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अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई वर्ष 2015 को भवन बन कर पूरा हो गया, ढाई साल से भवन बेकार पड़ा है दुर्जय पासवान गुमला : झारखंड में रांची के बाद गुमला दूसरा जिला है, जहां जीएनएम नर्सिंग कॉलेज व छात्रावास के लिए भवन बन कर तैयार है. यहां ए ग्रेड के नर्सों को प्रशिक्षण […]
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अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई
वर्ष 2015 को भवन बन कर पूरा हो गया, ढाई साल से भवन बेकार पड़ा है
दुर्जय पासवान
गुमला : झारखंड में रांची के बाद गुमला दूसरा जिला है, जहां जीएनएम नर्सिंग कॉलेज व छात्रावास के लिए भवन बन कर तैयार है. यहां ए ग्रेड के नर्सों को प्रशिक्षण देने की योजना है. इसके लिए ढाई साल पहले सदर अस्पताल गुमला परिसर में पांच करोड़ की लागत से कॉलेज व छात्रावास भवन बना है, लेकिन आज यह भवन सरकार व प्रशासनिक उपेक्षा के कारण धूल फांक रहा है. भवन बन गया, परंतु कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हुई. देखरेख के अभाव में भवन भी बेकार होने लगा है.
सिविल सर्जन डॉ जेपी सांगा से सीधी बात
सवाल : जीएनएम नर्सिग कॉलेज व छात्रावास क्या बन कर तैयार है?
जवाब : भवन बन गया है. दो साल पहले पूर्व सीएस डॉ एसएन झा ने भवन हैंडओवर लिया है.
सवाल : भवन की क्या स्थिति है?
जवाब : मेरे कार्यकाल के पहले कॉलेज व छात्रावास भवन बना है. जो भवन है, वह सबके सामने है.
सवाल : अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हो रही है. क्या कारण है?
जवाब : स्वास्थ्य विभाग झारखंड सरकार के स्तर से मामला लंबित है. मैन पावर नहीं है. इस कारण अभी तक पढ़ाई शुरू नहीं हुई है.
सवाल : आप सीएस हैं. कॉलेज शुरू करने के लिए आप क्या कर रहे हैं?
जवाब : मैंने स्वास्थ्य विभाग झारखंड सरकार को पत्र लिखा है. जिसमें कहा है कि कॉलेज व छात्रावास बन गया है. उसे जल्द शुरू करायें.
एक बैच में 100 लड़कियों को मिलेगा फायदा
जनजातीय बहुल गुमला की लड़कियों को ए ग्रेड नर्स की डिग्री व प्रशिक्षण के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े, इसके लिए सरकार ने रांची के बाद गुमला को प्राथमिकता देते हुए जीएनएम नर्सिंग कॉलेज व छात्रावास खोला. लेकिन जिस मकसद से कॉलेज खोला गया है, वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कॉलेज में 100 लड़कियों को हरेक बैच में प्रशिक्षण व डिग्री देने की योजना है.
तेजी से भवन बना, फिर भी बेकार पड़ा
कॉलेज सह छात्रावास का भवन तेजी से बना था. वर्ष 2013 में काम शुरू हुआ था और 2015 में भवन बन कर तैयार हो गया था. मेसर्स एक्रोमा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड मुंबई द्वारा स्कूल भवन व छात्रावास बनाया गया है. भवन बनने के बाद वर्ष 2015 के फरवरी माह में पूर्व सीएस डॉ एसएन झा ने भवन को हैंडओवर लिया था. उस समय भवन हैंडओवर लेने को लेकर ठेकेदार व सीएस में विवाद भी हुआ था. बाद में पूर्व डीसी दिनेशचंद्र मिश्र की पहल पर सीएस ने भवन को हैंडओवर लिया था.
कई पुराने भवनों को तोड़ कर बना है कॉलेज
सदर अस्पताल परिसर स्थित कई पुराने भवनों को तोड़ कर कॉलेज व छात्रावास बनाया गया है.
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