वेतन विसंगतियों में सुधार की मांग

Published at :26 Feb 2016 3:09 AM (IST)
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वेतन विसंगतियों में सुधार की मांग

शिक्षकेत्तर कर्मियों ने की कलमबंद हड़ताल गोड्डा : वेतन विसंगतियों में सुधार की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर गोड्डा काॅलेज के शिक्षकेत्तर कर्मियों ने गुरुवार को कलमबंद हड़ताल की. इससे कॉलेज के कामकाज पर आंशिक असर पड़ा. बता दें के वेतन विसंगतियों में सुधार सहित 18 मांगों को लेकर सिदो- कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के […]

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शिक्षकेत्तर कर्मियों ने की कलमबंद हड़ताल

गोड्डा : वेतन विसंगतियों में सुधार की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर गोड्डा काॅलेज के शिक्षकेत्तर कर्मियों ने गुरुवार को कलमबंद हड़ताल की. इससे कॉलेज के कामकाज पर आंशिक असर पड़ा. बता दें के वेतन विसंगतियों में सुधार सहित 18 मांगों को लेकर सिदो- कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मी आंदोलन रत हैं. उन्हीं के आह्वान पर गुरुवार को गोड्डा काॅलेज के भी शिक्षकेत्तर कर्मचारी हड़ताल पर रहे. इसके बाद धरना-प्रदर्शन किया.
इसका नेतृत्व लिपिक सकला मुर्मू ने किया. इस अवसर पर संघ के मनोहर झा भास्कर, बालमुकुंद दुबे, एजाजुल हसन, परिमल कुंदन, मनोज झा, विभीषण महतो, देवकुमार रविदास, भोला पंडित, सीताराम रजक, अर्जुन हरिजन, निरंजन साह, दिलीप मेहतर, बहादुर ओझा आदि थे.
अवैध शिक्षक नियुक्ति जांच की लगायी गुहार
बोआरीजोर प्रखंड के जिरली गांव स्थित कमरूल होदा के पोषक क्षेत्र के मदरसा में अवैध शिक्षक नियुक्ति की जब जिले के कई अधिकारियों से गुहार लगाये जाने के कार कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों डीसी से फरियाद लगायी है
गुरुवार को बोआरीजोर के जिरली गांव स्थित मदरसा कमरूल होदा के पोषक क्षेत्र के ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन देकर मदरसा में अवैध शिक्षक नियुक्ति की जांच की मांग की है.
ग्रामीणों ने जिक्र किया है कि इससे पहले भी जिले के पदाधिकारियों को जांच पड़ताल के लिए आवेदन दिया गया था. किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में क्षोभ है. आवेदन में यह भी बताया गया है कि प्रधान मौलवी का कहना है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने धमनी गांव में नया मदरसा बनाने का आदेश दिया है. इसलिए जिरली का मदरसा धमनी में स्थानांतरण हो गया है.
इसके अलावा प्रधान मौलवी अवैध रूप से प्रतिनियुक्त शिक्षकों को वेतन भुगतान करने की बात कह रहे हैं. जिरली के ग्रामीणों को जांच पड़ताल नहीं होने से इंसाफ नहीं मिल रहा है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से जांच पड़ताल कर न्याय करने की गुहार लगायी है. आवेदन देनेवालों मेंं रफीक अंसारी, शाहाबुद्दीन अंसारी, मैनुल अंसारी, वशीर अंसारी, सेताब अंसारी, मईन उद्दीन अंसारी, जब्बार अंसारी, रेजाउल अंसारी, खलील अंसारी, नियाज उद्दीन अंसारी, रहीम अंसारी, रमजान अंसारी आदि शामिल हैं.
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