पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :14 Jul 2017 11:33 AM
विज्ञापन

गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश (पंचम) सुनील कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को विवाहिता की हत्या के मामले में पति रामलखन महतो को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. धारा 201 में अदालत ने दो वर्ष की सजा और 10 हजार का जुर्माना […]
विज्ञापन
गिरिडीह : जिला व सत्र न्यायाधीश (पंचम) सुनील कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को विवाहिता की हत्या के मामले में पति रामलखन महतो को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. धारा 201 में अदालत ने दो वर्ष की सजा और 10 हजार का जुर्माना किया है.
जुर्माना की रकम नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. जुर्माना की आधी राशि सूचक को देने का निर्देश दिया है. हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के सिरे गांव निवासी मोनी देवी ने बगोदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. कहा था कि उनकी बेटी कौशल्या कुमारी का कोर्ट मैरेज कंजकीरो(नावाडीह, बोकारो) निवासी रामलखन महतो के साथ एक वर्ष पूर्व हुआ था. इसके बाद उनकी बेटी ससुराल कभी नहीं आयी. आठ अप्रैल 2012 को रामलखन महतो ने फोन कर उसकी बेटी को बगोदर बस स्टैंड बुलवाया. कहा कि उसे शादी का कार्ड छपवाना है. इसके बाद उसकी बेटी कौशल्या मंझली बहन जीतनी देवी व बहनोई मुकेश महतो के साथ बगोदर चली गयी. वहां से मुकेश ने फोन कर बताया कि बस स्टैंड बगोदर में कौशल्या तथा रामलखन को मिलवाकर दोनों घर चले गये हैं. कौशल्या ने दिन के दो बजे फोन पर सूचना दी कि वह रामलखन के साथ बस स्टैंड में है. रामलखन ने रात में फोन कर पूछा कि कौशल्या कहां है.
इसपर वह बोली कि कौशल्या उसके पास है,उसने ही उसे बुलाया था. सुबह सात बजे जानकारी मिली की बेटी का शव मोकटमाटांड़ में पड़ा है. उसकी बेटी की गला दबाकर हत्या कर शव को कच्ची सड़क किनारे फेंक दिया गया था. घटना के बाद सूचक मोहनी देवी ने बगोदर थाना में मामला (कांड संख्या 90/12 धारा 302/201) दर्ज कराया, जिसमें रामलखन महतो को नामजद अभियुक्त बनाया गया. पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया. इसी मामले में अदालत ने रामलखन महतो को दोषी पाया. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से एडिशनल पीपी लुकस मरांडी व बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा ने बहस की.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










