Garhwa News: 48 लाख की बीयर सिंचाई योजना में लापरवाही का आरोप, नहर में लौटी मिट्टी; किसानों में आक्रोश
अप नहर का, बीयर स्कीम सिसरी का फोटो | Prabhat Khabar Network
झारखंड के खरौंधी में बीयर सिंचाई योजना के निर्माण में भारी लापरवाही, किसानों की फसलें पानी के लिए तरसीं। विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल।
खरौंधी, गढ़वा : प्रखंड के सिसरी गांव में बीयर मध्यम सिंचाई योजना के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर किसानों में आक्रोश है. किसानों ने संवेदक पर निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है. करीब 48.45 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना का शिलान्यास 31 मई 2026 को स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव ने किया था. जीर्णोद्धार का काम लघु सिंचाई प्रमंडल, गढ़वा के अंतर्गत कराया जा रहा है.
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दो किलोमीटर नहर की होनी है सफाई और मरम्मत
योजना के तहत अप और डाउन नहर की करीब दो किलोमीटर लंबाई में सफाई और मरम्मत का काम किया जाना है. जहां नहर का बांध पतला है, वहां उसे मिट्टी डालकर मजबूत किया जाना है. इसके अलावा दोनों नहरों में कुल करीब 150 मीटर गार्डवाल का निर्माण, बीयर बेड की सफाई, दोनों ओर नये गेट लगाने तथा क्षतिग्रस्त गेट की मरम्मत का प्रावधान है.
नहरों के किनारे खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए आउटलेट बनाने का भी प्रावधान बताया गया है.
बारिश में नहर में वापस चली गयी मिट्टी
किसानों का आरोप है कि अप नहर की सफाई के दौरान निकाली गयी मिट्टी को नहर के बांध पर ही डाल दिया गया. बारिश के बाद मिट्टी खिसककर दोबारा नहर में चली गयी, जिससे कई जगह पानी का प्रवाह बाधित हो गया है.
किसानों सदीक अंसारी, रहमुद्दीन अंसारी, वीरेंद्र प्रजापति, अनवर अंसारी, फिरोज अंसारी, गुड्डू प्रजापति, निसार अंसारी, हाफिज अंसारी, महेंद्र प्रजापति और फरीद अंसारी समेत अन्य ने कहा कि नहर की सफाई ठीक तरीके से नहीं की जा रही है. उनका आरोप है कि संवेदक द्वारा निकाली गयी मिट्टी खेतों में डाल दी गयी, जिससे कुछ जगहों पर किसान फसल नहीं लगा सके.
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि अप नहर का करीब 300 मीटर हिस्सा काट दिया गया है, जबकि नक्शे में वहां नहर दर्ज है. इस हिस्से का निर्माण नहीं कराया जा रहा है.
गार्डवाल नहीं बनने से खेतों तक नहीं पहुंच रहा पानी
डाउन नहर में गार्डवाल नहीं बनने से भी किसान परेशान हैं. किसानों के अनुसार गेट से करीब 200 मीटर आगे पानी बह जाता है और खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता. उनका कहना है कि यदि संबंधित स्थान पर गार्डवाल बना दिया जाता, तो धान की फसल के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध हो सकता था.
किसानों ने बताया कि डाउन नहर में तोरलावा तक कई जगह बांस के पेड़ उग गये हैं. इससे नहर का प्रवाह बाधित है. नहर में मिट्टी भर गयी है और कई जगह इसे काट भी दिया गया है. किसानों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण उन्हें कई वर्षों से खेतों में सिंचाई का पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है.
मुखिया ने भी प्राक्कलन के अनुरूप काम नहीं होने का लगाया आरोप
मुखिया श्वेता देवी ने कहा कि बीयर सिंचाई योजना में अब तक जितना काम हुआ है, वह ठीक तरीके से नहीं किया गया है. उनके अनुसार प्राक्कलन के मुताबिक काम नहीं कराया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि तोरलावा शाखा में करीब 50 से 60 फीट गार्डवाल बनाया जाना था, लेकिन अब तक गार्डवाल नहीं बनाया गया है. इससे किसानों को धान की फसल के लिए पानी मिलने में परेशानी होगी. उन्होंने अप और डाउन नहर में उगे बांस के पेड़ों की सफाई कराने की भी मांग की.
जेई बोले- अभी डेढ़ लाख रुपये का ही हुआ काम
लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता पंकज कुमार ने कहा कि बीयर सिंचाई योजना में अभी करीब डेढ़ लाख रुपये का ही काम हुआ है. उन्होंने कहा कि योजना का अधिकांश काम अभी बाकी है.
जेई के अनुसार अप और डाउन नहर की दो किलोमीटर लंबाई में मरम्मत करायी जायेगी. उन्होंने कहा कि प्राक्कलन के अनुसार योजना के सभी कार्य कराये जायेंगे.
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