कागजों में ही हुआ ओडीएफ कई घरों में शौचालय नहीं
Updated at : 21 Feb 2018 4:45 AM (IST)
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31 अगस्त 2017 को गढ़वा नगर परिषद को किया गया था ओडीएफ घोषित 46 हजार की आबादीवाले इस क्षेत्र में एक साल में 2978 शौचालय बने, कई घरों में अब भी नहीं है शौचालय जितेंद्र सिंह गढ़वा : खुले में शौच से मुक्त को लेकर गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चले अभियान के बीच 31 […]
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31 अगस्त 2017 को गढ़वा नगर परिषद को किया गया था ओडीएफ घोषित
46 हजार की आबादीवाले इस क्षेत्र में एक साल में 2978 शौचालय बने, कई घरों में अब भी नहीं है शौचालय
जितेंद्र सिंह
गढ़वा : खुले में शौच से मुक्त को लेकर गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में चले अभियान के बीच 31 अगस्त 2017 को आनन फानन में क्यूसीआइ द्वारा ओडीएफ तो घोषित कर दिया गया, लेकिन 20 वार्ड के कई घरों में अभी भी शौचालय नहीं हैं. नगर परिषद क्षेत्र में अब भी लोग खुले में शौच करते देखे जा सकते हैं.
46 हजार की आबादी वाले गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र को( क्यूसीआई) क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया द्वारा 31 अगस्त 2017 को ही ओडीएफ घोषित कर दिया गया, लेकिन यहां की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है . 20 वार्ड वाले गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के दर्जनों वार्ड में अभी भी लोग खुले में शौच जाने को विवश है, क्योंकि उनके घर में शौचालय है ही नहीं. गौरतलब है कि गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 को लगभग दो वर्ष पूर्व ही ओडीएफ घोषित किया जा चुका है और इसके लिये वार्ड के पार्षद पूनमचंद कांस्यकर को राज्यपाल द्वारा प्रमाण पत्र भी दिया गया था.
गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में कुल 8635 घर हैं
गौरतलब है कि गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार कुल 8635 कच्चे व पक्के आवास हैं. नगर परिषद क्षेत्र के कुल 20 वार्डों में खुले में शौच से मुक्त करने के अभियान के तहत 2978 नये शौचालय का निर्माण कराया गया है. बीते सात वर्षों में गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में आवासों की संख्या बेतहाशा बढ़ी है.
इनमें से कई घरों में अभी भी शौचालय नहीं है. वर्तमान में नगर परिषद क्षेत्र में 3000 लोगों ने शौचालय निर्माण के लिए आवेदन दिया था, जिनमें से 2978 लोगों को शौचालय आवंटित किया गया है. वहीं एक वर्ष के दौरान खुले में शौच से मुक्त के लिए चलाये गये अभियान में करोड़ों रुपये की लागत से दर्जनों सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है. इसके बावजूद गढ़वा नगर परिषद खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया है.
सिटी मैनेजर ने कहा
मोनजीबुल्ला अंसारी ने कहा कि सभी वार्ड में शौचालय बन गया है. अगर किसी वार्ड में छूटा हुआ है, तो वार्ड पार्षद जानकारी ले रहे हैं. सभी घरों में शौचालय ही अोडीएफ का मापदंड नहीं.
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