पूर्वी सिंहभूम के सदर अस्पताल में बंद हुआ सर्जरी, मरीजों को ऑपरेशन के लिए जाना पड़ता है प्राइवेट अस्पताल

Updated at : 14 Jun 2022 1:19 PM (IST)
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पूर्वी सिंहभूम के सदर अस्पताल में बंद हुआ सर्जरी, मरीजों को ऑपरेशन के लिए जाना पड़ता है प्राइवेट अस्पताल

पूर्वी सिंहभूम जिले में चल रहे सदर अस्पताल में सर्जन के अभाव में सर्जरी बंद हो गयी है. इससे मरीजों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है. पूरे जिले में डॉक्टरों की काफी कमी है.

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पूर्वी सिंहभूम : पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है, इसका उदाहरण है जिले का सदर सदर अस्पताल. जहां सर्जन के अभाव में सर्जरी बंद हो गयी है. इससे मरीजों को इलाज के लिए एमजीएम सहित अन्य प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ता है. ये केवल सदर अस्पताल की ही बात नहीं है बल्कि पूरे जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की भारी कमी है. इस कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने बताया कि पूरे जिले में डॉक्टरों की काफी कमी है.

जिले में डॉक्टरों का 143 स्वीकृत पद हैं, जिसमें सिर्फ 73 डॉक्टर कार्यरत हैं. उन सभी को सदर सहित अन्य सामुदायिक, प्राथमिक केंद्रों में लगाया गया है. इसके साथ ही 18 विशेषज्ञ डॉक्टरों की जगह सिर्फ चार डॉक्टर नियुक्त है. वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्जन नहीं होने के कारण मेजर सर्जरी नहीं हो पा रही है. सदर अस्पताल में अगर कोई मरीज सर्जरी के लिए आता है, तो उसे एमजीएम अस्पताल भेज दिया जाता है. अस्पताल में अधिकतर गरीब मरीज इलाज के लिए आते हैं, उन लोगों के पास इतना पैसा नहीं होता है कि वे लोग बाहर में जाकर अपना इलाज करा सकें.

एएनएम के सहारे चल रहे उपस्वास्थ्य केंद्र. सिविल सर्जन डॉ जुझार मांझी ने कहा कि जिले में डॉक्टरों के साथ एएनएम की भी कमी है. जिले में एएनएम का 402 पद स्वीकृत है, जिसमें सिर्फ 250 एएनएम कार्यरत है. डॉक्टर के अभाव में उप स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम द्वारा काम चलाया जाता है. इस कारण वहां सही से इलाज नहीं हो पा रहा है.

उन लोगों द्वारा सर्दी, खांसी, बुखार की जांच की जाती है, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया जाता है. उन्होंने कहा कि एएनएम की कमी के कारण जिले में टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं पर काफी प्रभाव पड़ रहा है. जितने संसाधन हैं, उसी से काम चलाया जा रहा है. यहां जितने स्वीकृत पद हैं, उतने पर सभी कर्मचारी मिल जाते, तो और अच्छे से काम होगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग को कई बार लिखा गया है.

एक डॉक्टर से चल रहा है अनुमंडल अस्पताल

सिविल सर्जन के अनुसार घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में डॉक्टरों के 11 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वहां एक ही डॉक्टर नियुक्त है, बाकी जरूरत पड़ने पर घाटशिला सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को ड्यूटी दी जाती है. उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सात चिकित्सक रहने चाहिए, लेकिन कहीं तीन, तो कहीं चार डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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