पश्चिमी सिंहभूम के इस प्रखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, पेड़ के नीचे मरीजों का इलाज

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कहने को तो पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के लिये हर साल लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन कार्य के प्रति इच्छा शक्ति के अभाव में मरीजों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है

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कहने को तो पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार लाने के लिये हर साल लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं, लेकिन कार्य के प्रति इच्छा शक्ति के अभाव में मरीजों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है. स्थिति यह है कि टोंटो प्रखंड के सीएचसी का ओपीडी पिछले करीब एक साल से बंद है. ऐसे मरीजों को पेड़ के नीचे अपना इलाज कराना पड़ रहा है.

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बुधवार को भी झींकपानी के दिलीप साव के पांव में जख्म होने के कारण उसे पिछले करीब 4-5 हफ्ते से पांव का ड्रेसिंग कराने लेकर आना पड़ रहा है, लेकिन ओपीडी कक्ष बंद रहने के कारण उसे पेड़ के नीचे ड्रेसिंग कराना पड़ा. उसने बताया कि बारिश के समय पेड़ के नीचे भी ड्रेसिंग व इंजेक्शन देने का काम नहीं हो पाता है. ऐसे में मरीजों को अन्यत्र जाना पड़ता है.

पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बलराम मांझी ने कहा कि यह सीएचसी चार कमरों में चल रहा है. जिले में सबसे ज्यादा ओपीडी मैं ही करता हूं. भवन की स्थिति दयनीय है. ड्रेसिंग रूम नहीं है. फिर भी ड्रेसिंग का काम किया जाता है.

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