Watch Video..बंद कमरे में अंगीठी बनी काल, जहरीली गैस से छह साल की बच्ची की मौत, मां और दो बहनें बेहोश
दुमका में बंद कमरे में अंगीठी जलाने से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई. जहरीली गैस से मां और दो अन्य बच्चियां भी बेहोश हो गईं. जानिए कैसे हुआ ये हादसा.
संवाददाता, दुमका : दुमका के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बहराबांक गांव में ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ. रातभर अंगीठी जलने से कमरे में जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) भर गयी. इसकी चपेट में आने से छह साल की बच्ची निक्की की मौत हो गयी, जबकि उसकी मां रीना देवी (35), 10 साल की बहन रूपाली और 11 दिन की नवजात बच्ची बेहोश हो गयीं. तीनों को दुमका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मां की हालत गंभीर बतायी जा रही है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहराबांक गांव निवासी प्रकाश सिंह रिंग रोड में लाइन होटल चलाते हैं. घटना की रात वह होटल में ही थे. घर पर उनकी पत्नी रीना देवी अपनी पांच बेटियों के साथ थीं. 11 दिन पहले ही परिवार में नवजात बच्ची का जन्म हुआ था. ठंड से बचाने के लिए रीना देवी ने रात में कमरे के अंदर अंगीठी जला दी और ठंड अधिक होने के कारण खिड़की व दरवाजे बंद कर दिये. इसके बाद मां और बच्चियां सो गयीं. रातभर अंगीठी जलती रही और कमरे में धीरे-धीरे जहरीली गैस भरती चली गयी. इसकी चपेट में आने से सभी बेहोश हो गये.
सुबह दरवाजा तोड़कर निकाला गया सभी को
सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई. आवाज देने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद रूपाली के चाचा ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर मां और तीनों बच्चियां बेहोश पड़ी थीं. आनन-फानन में सभी को बाहर निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया गया. वहां चिकित्सकों ने छह वर्षीय निक्की को मृत घोषित कर दिया. रीना देवी, रूपाली और नवजात बच्ची का इलाज जारी है. रीना देवी की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
11 दिन पहले घर में गूंजी थी किलकारी, अब पसरा मातम
प्रकाश सिंह की पांच बेटियां हैं. 11 दिन पहले नवजात बच्ची के जन्म से परिवार में खुशियां थीं. लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. एक बेटी की मौत और मां समेत दो अन्य बच्चियों के अस्पताल में भर्ती होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
बंद कमरे में अंगीठी जलाने से बचें
इस घटना के बाद बंद कमरे में अंगीठी जलाने के खतरे एक बार फिर सामने आये हैं. विशेषज्ञों की सलाह है कि बंद कमरे में अंगीठी जलाकर कभी नहीं सोना चाहिए. कमरे में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखना जरूरी है. कार्बन मोनोऑक्साइड एक जहरीली गैस है, जो बिना रंग और गंध की होती है तथा जानलेवा साबित हो सकती है.
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