संशोधन नहीं, जमीन दखल कानून बनाया
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Dec 2016 5:40 AM (IST)
विज्ञापन

एसपीटी एक्ट में संशोधन के िवरोध में बोलीं वृंदा दुमका : माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात ने कहा कि झारखंड में एसपीटी और सीएनटी एक्ट आदिवासियों-मूलवासियों के लिए रक्षा कवच है, पर रघुवर सरकार ने पूंजीपतियों, उद्योगपतियों और रीयल इस्टेट कारोबारियों के खातिर इसमें संशोधन किया है. आदिवासियों के अधिकारों […]
विज्ञापन
एसपीटी एक्ट में संशोधन के िवरोध में बोलीं वृंदा
दुमका : माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य सह पूर्व सांसद वृंदा करात ने कहा कि झारखंड में एसपीटी और सीएनटी एक्ट आदिवासियों-मूलवासियों के लिए रक्षा कवच है, पर रघुवर सरकार ने पूंजीपतियों, उद्योगपतियों और रीयल इस्टेट कारोबारियों के खातिर इसमें संशोधन किया है. आदिवासियों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की गयी है. सरकार ने संशोधन कर जमीन दखल कानून बना डाला है. आदिवासी अधिकार मंच की एक सभा को दुमका में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी जमीन की रक्षा के लिए संशोधन का विरोध करने पर छात्रों को इसका शिकार बनाया जा रहा है. नाजुक व पढ़ने लिखने के उम्र में सरकार उन्हें निशाना बना रही है. बदनाम कर रही है. आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है. इससे सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है और बढ़ेगा. चाहे इसे दबाने की सरकार लाख कोशिशें करे. यह आवाज अब दबने वाली नहीं है.
दिल्ली तक पहुंचायेंगे आदिवासी छात्रावासों की बदहाली का मुद्दा : वृंदा करात ने
संशोधन नहीं, सरकार ने…
एसपी कॉलेज के छात्रावास का भी जायजा लिया और छात्रों से मुलाकात की. छात्रावास की बदहाली को देखा-समझा. उन्होंने आश्चर्य जताया और कहा कि इस मामले में वे दिल्ली जाकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री से मिलेंगी और उनकी मांगों-समस्याओं को वहां तक पहुंचायेंगी. छात्रों पर की गयी कार्रवाई को लेकर वे मुख्यमंत्री रघुवर दास से भी मिलेंगी. उन्होंने कहा कि छात्रों ने उन्हें बताया कि छात्रावास में किसी तरह की कोई सुविधा उन्हें मुहैया नहीं करायी जाती. खाना उन्हें खुद बनाना पड़ता है. इसके लिए चावल से लेकर नमक तक उन्हें खुद ही व्यवस्था करनी होती है. जलावन के लिए गैस तक उपलब्ध नहीं कराया जाता, गांव से लकड़ी लेकर आना पड़ता है. सालाना छात्रवृति भी महज पांच से छह हजार रुपये दी जाती है. उसमें भी कटौती की गयी है.
जनता की अावाज दबाने के लिए छात्रों को निशाना बना रही है सरकार : करात
दिल्ली तक पहुंचायेंगे आदिवासी छात्रावासों की बदहाली का मुद्दा
संशोधन के नाम पर आदिवािसयों का अधिकार छीनने की कोशिश
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




