सिंचाई परियोजनाएं ठप
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :21 Apr 2015 7:41 AM (IST)
विज्ञापन

आनंद जायसवाल दुमका : दुमका जिले में किसानों की चिंता व परेशानी बढ़ती जा रही है. इस जिले में कृषि कार्य कर पाना उनके लिए काफी मुश्किल व चुनौती भरा साबित हो रहा है. एक के बाद एक सिंचाई परियोजनाएं ठप होती जा रही है. लिफ्ट इरीगेशन की अधिकांश इकाईयों तो दिखावे भर की ही […]
विज्ञापन
आनंद जायसवाल
दुमका : दुमका जिले में किसानों की चिंता व परेशानी बढ़ती जा रही है. इस जिले में कृषि कार्य कर पाना उनके लिए काफी मुश्किल व चुनौती भरा साबित हो रहा है. एक के बाद एक सिंचाई परियोजनाएं ठप होती जा रही है. लिफ्ट इरीगेशन की अधिकांश इकाईयों तो दिखावे भर की ही साबित हो रही हैं. मिली जानकारी के मुताबिक दुमका जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्र 377523 हेक्टेयर है, जिसमें से 60 फीसदी से भी कम यानी की लगभग 224203 हेक्टयेर भूमि कृषि योग्य है.
इतने बड़े क्षेत्र में से 47773 हेक्टयेर पर ही खरीफ के मौसम में सिंचाई की सुविधा मिल पाती है, रबी के लिए तो 7003 हेक्टयेर क्षेत्र ही सिंचित हो पाता है. यह आंकड़ा सरकारी है और कृषि विभाग का है, लेकिन धरातल में सिंचाई इससे भी काफी कम क्षेत्र में मिल पाती है.
मसानजोर की नहरें भी नहीं दे पा रही पानी
कभी 20000 एकड़ में होती थी सिंचाई, अब आधे में भी नहीं
मसानजोर के नहर से दो-तीन दशक पहले तक 20000 एकड़ कृषियोग्य भूमि में सालो भर सिंचाई के लिए पानी मिला करता था.
स्थिति अब ऐसी हो गयी है कि लगभग दो-तीन दर्जन गांवों में एक-डेढ़ दशक से शाखा नहर में पानी पहुंचा ही नही है. पानी नहीं मिलने से पाटजोड़, महेशखाला, मेटलकोंदा, भैरवडीह, ढोड्डा, नांदना, संग्रामपुर, नवग्राम, पहाड़पुर, सुखजोरा, तकीपुर, बागखाला, लताबनी, एकतल्ला, पाथरा, रानीश्वर, हामिदपुर, पड़िहारपुर, कामती, हरिपुर, कालाकाटा, पाकुड़िया, बड़घाटा, कितुड़ी, पुटका आदि गांव के खेतों में सिंचाई के अभाव में फसल बरबाद हो जाया करती है.
सिंचाई के मामले में दुमका जिले की स्थिति अच्छी नहीं है. खरीफ में सिंचाई की जरूरत को किसान किसी तरह पूरा कर लेते हैं, लेकिन रब्बी में बड़ी दिक्कत होती हैं. उस वक्त नहर-तालाब सूख जाया करता है.
सिंचाई नहीं हो पाती. अगर रबी में भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल जाता, तो वे कम से कम दो फसल ले पाते. रानीश्वर को छोड़कर गरमा धान की खेती दूसरे इलाके में नहीं हो पाती. सालों भर पटवन मिलता, तो किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती.
मेहरपाल सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, दुमका
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










