कंटीले तार में फंसे घायल अजगर का रेस्क्यू, इलाज के बाद जंगल में छोड़ा

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सुरक्षित अजगर | Prabhat Khabar Network

धारकिरो मंडल बस्ती में कंटीले तार से घायल हुए अजगर की जान बचा ली गई. बीइंग काइंड एंड हैप्पी संस्था ने ग्रामीणों की सूचना पर रेस्क्यू कर पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज कराया. स्वस्थ होने के बाद अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया.

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फोरलेन सड़क के किनारे धारकिरो मंडल बस्ती में कंटीले तार से घायल हुए अजगर की जान बचाकर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया. 24 अगस्त की शाम ग्रामीणों ने अजगर के घायल होने और उसके शरीर पर छोटे-छोटे कीड़े लगने की सूचना दी थी. इसके बाद बीइंग काइंड एंड हैप्पी संस्था के राणा प्रताप सिंह और चिन्मय कुमार मौके पर पहुंचे और अजगर का रेस्क्यू किया.

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डीएफओ और पशु चिकित्सक को दी गयी सूचना

रेस्क्यू के बाद संस्था के सदस्यों ने तत्काल मामले की जानकारी संबंधित डीएफओ और पशु चिकित्सक को दी. अनुमति मिलने के बाद कतरास के निचितिपुर हॉस्पिटल में अजगर का उपचार शुरू कराया गया. अस्पताल के निदेशक डॉ. उमाशंकर सिंह, डॉ. रूद्रेश और संस्था अध्यक्ष डॉ. स्वतंत्र कुमार की देखरेख में उसका इलाज किया गया.

दो दिनों तक चला उपचार

अजगर के उपचार में कतरास वार्ड एक की पार्षद डॉ. मधुमाला समेत अस्पताल के सहयोगियों श्रवण कुमार, समीर सिंह, दिवाकर सिंह, बबलू हरि और राजू हरि ने भी सहयोग किया. चिकित्सकीय देखरेख में दो दिनों तक उपचार के बाद अजगर को पूरी तरह सुरक्षित पाया गया.

स्वस्थ होने के बाद जंगल में छोड़ा

अजगर के स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया गया. संस्था ने वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया. संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आगे भी इस तरह की पहल जारी रखी जायेगी.


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