धनबाद : जहां नहीं के बराबर होती खेती वहां भी बना बना दिया डोभा, अफसरों की मंशा पर सवाल

Updated at : 17 May 2017 7:51 AM (IST)
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धनबाद : जहां नहीं के बराबर होती खेती वहां भी बना बना दिया डोभा, अफसरों की मंशा पर सवाल

तसवीरें झूठ नहीं बोलती. गोविंदपुर प्रखंड की मरिचो पंचायत के नावाटांड़ की यह तसवीरें भी मनरेगा में भ्रष्टाचार की पोल खोल रही हैं. सरकारी अधिकारी जो दावा करें, हकीकत है कि गोविंदपुर प्रखंड में लूट के डोभा की खुदाई हो रही है. इसमें सरकारी मुलाजिम, पंचायत सरकार के कतिपय जनप्रतिनिधि व बिचौलिये डुबकी लगा रहे […]

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तसवीरें झूठ नहीं बोलती. गोविंदपुर प्रखंड की मरिचो पंचायत के नावाटांड़ की यह तसवीरें भी मनरेगा में भ्रष्टाचार की पोल खोल रही हैं. सरकारी अधिकारी जो दावा करें, हकीकत है कि गोविंदपुर प्रखंड में लूट के डोभा की खुदाई हो रही है. इसमें सरकारी मुलाजिम, पंचायत सरकार के कतिपय जनप्रतिनिधि व बिचौलिये डुबकी लगा रहे हैं.
संजीव झा/हीरालाल पांडेय
धनबाद : बरवाअड्डा-गया एनएच टू से लगभग 12 किलोमीटर दूर पहाड़ की तलहटी पर ऐसे स्थान पर डोभा बनाये गये हैं, जहां खेती नहीं के बराबर होती है. वह भी एक नहीं तीन-तीन डोभा एक ही जगह. यह अपने आप में सरकारी एजेंसियों की मंशा पर सवाल उठा रही है. आसपास के ग्रामीणों के अनुसार तीनों ही डोभा की खुदाई जेसीबी, पोकलेन से करायी गयी है. वह भी दिन-दहाड़े. खुदाई का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. मशीन द्वारा खुदाई के बाद तीनों डोभा से निकाली गयी मिट्टी भी अभी साइट पर ही पड़ी हुई है. काम भी आधा-अधूरा पड़ा हुआ है. इस तरह के कार्य प्रखंड में कई स्थानों पर हुआ है.
कैसे किया जा रहा है काम : इस पंचायत में मजदूरों की शिकायत है कि उनलोगों को मनरेगा से काम नहीं मिल रहा है. अधिकांश मजदूरों का जॉब कार्ड बिचौलिया एवं ठेकेदारों के पास रहता है. उसी आधार पर मस्टर रॉल तैयार होता है. कागजी प्रक्रिया पूरी की जाती है. जबकि काम वास्तव में मशीन से होता है. इस खेल में पंचायत, रोजगार सेवक, स्थानीय मुखिया व अन्य पंचायत स्तरीय प्रतिनिधियों की भी भूमिका रहती है. इस खेल में प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है.

क्या कहते हैं ग्रामीण
मजदूरों का जॉब कार्ड बिचौलिया रख लेता है. किसी को काम नहीं दिया जाता. केवल जॉब कार्ड पर अंगूठा या हस्ताक्षर करा लिया जाता है. बदले में किसी को एक सौ रुपये दे दिया जाता है. हकीकत में सारा काम मशीन से हो रहा है.
रंजीत महतो, ग्रामीण, मरिचो पंचायत
सात वर्ष पहले जॉब कार्ड बना था. जॉब कार्ड बनने के बाद एक दिन भी काम नहीं मिला. बीच-बीच में बिचौलिया जॉब कार्ड ले कर आता है. हस्ताक्षर कराता है और चला जाता है. एक-दो बार एक-एक सौ रुपया दिया था.
बिजली देवी, जॉब कार्डधारी, मरिचो पंचायत
कार्रवाई होगी, मजदूरों का जॉब कार्ड वापस करायेंगे
मशीन से डोभा की खुदाई पर पूरी तरह से रोक है. एक-दो दिन में खुद जा कर स्थल निरीक्षण करेंगे. संबंधित अधिकारी, रोजगार सेवक पर कार्रवाई होगी. अगर मजदूरों का जॉब कार्ड दूसरे व्यक्ति के पास है तो उसे भी वापस कराया जायेगा.
गणेश कुमार, डीडीसी, धनबाद
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