अंधेर नगरी में छटपटा रही है जनता
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Sep 2018 3:55 AM
धनबाद : डीवीसी की रोज आठ घंटे बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. जब-तब बिजली कट रही है. सरकारी स्तर पर प्रयास के बावजूद मसले का कोई हल नहीं निकल रहा है. आंदोलनों का भी कोई असर नहीं हो रहा है. तीज-त्योहार में भी बिजली-पानी नहीं मिलने से महिलाओं में ज्यादा […]
धनबाद : डीवीसी की रोज आठ घंटे बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. जब-तब बिजली कट रही है. सरकारी स्तर पर प्रयास के बावजूद मसले का कोई हल नहीं निकल रहा है. आंदोलनों का भी कोई असर नहीं हो रहा है. तीज-त्योहार में भी बिजली-पानी नहीं मिलने से महिलाओं में ज्यादा गुस्सा है. जनप्रतिनिधियों ने एक तरह से हाथ खड़े कर दिये हैं. उनके पास हर सवाल के जवाब हैं, सिवाय इसके कि धनबाद को बिजली-पानी क्यों नहीं मिल रहा? यह स्थिति तब है
जब अगले साल आम चुनाव होने हैं. डीवीसी का बार-बार यही कहना है कि झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) से बकाया नहीं मिलने के कारण उसकी हालत खस्ता है. रकम के अभाव में वह जरूरत के मुताबिक कोयला नहीं खरीद पा रहा है. बकौल डीवीसी प्रवक्ता एम विजय : पावर प्लांट में कोयला नहीं है. इस कारण उत्पादन नहीं हो पा रहा है. एनटीपीसी से मात्र 300 मेगावाट बिजली ली जा रही है, जो पर्याप्त नहीं है. लिहाजा लोड शेडिंग करनी पड़ रही है.
डीसी लाइन बंद होने के कारण भी डीवीसी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. डीसी लाइन बंद होने से कोयला ट्रांसपोर्टिंग में परेशानी हो गयी है. डीसी लाइन के जरिये भी खदानों से कोयला सीधे पावर प्लांटों में आसानी से पहुंच जाता था. मगर अब ऐसा नहीं हो पा रहा है.
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