साक्ष्य के अभाव में सभी चार आरोपी बरी

Updated at : 02 Aug 2018 7:10 AM (IST)
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साक्ष्य के अभाव में सभी चार आरोपी बरी

धनबाद : केंदुआ पुल निवासी प्रियंका मित्तल हत्याकांड में बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दूबे की अदालत ने केंदुआ पुल निवासी विनोद प्रसाद, प्रभात कुमार वर्मा, निशांत कुमार वर्मा व धीरज कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. अदालत के दिये गए निर्णय का अवलोकन करने पर पता चला […]

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धनबाद : केंदुआ पुल निवासी प्रियंका मित्तल हत्याकांड में बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दूबे की अदालत ने केंदुआ पुल निवासी विनोद प्रसाद, प्रभात कुमार वर्मा, निशांत कुमार वर्मा व धीरज कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. अदालत के दिये गए निर्णय का अवलोकन करने पर पता चला कि केस के आइओ ने जब्ती सूची के गवाह को आरोप पत्र में गवाह नहीं बनाया.
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार को जब्त नहीं किया. कोई चश्मदीद गवाह नहीं बनाया गया और अभियुक्तों के मोबाइल फोन का सीडीआर नहीं दिया गया. फलस्वरुप केस विचारण के दौरान अपर लोक अभियोजक केस को साबित करने में असफल रहे.
अगस्त 2015 में गला रेत की गयी थी हत्या : केंदुआ निवासी राजेंद्र मित्तल उर्फ राजू मित्तल की बेटी प्रियंका (20) की 2-3 अगस्त 2015 की रात बेरहमी से हत्या कर दी गयी थी. वह बीएसएस महिला कॉलेज में स्नातक की छात्रा थी. पिता ने इस सिलसिले में चार लोगों को नामजद किया था. प्रियंका मित्तल के शरीर में 14 जगहों पर चाकू के जख्म मिले थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी हत्या रविवार रात लगभग बारह बजे के आसपास की गयी थी.
हत्या में तेज धार वाले चाकू का प्रयोग किया गया था. गले में कई बार प्रहार किया गया, जिससे उसके कई महत्वपूर्ण अंग कट गये, अधिक रक्त बहने से उसकी मौत हो गयी. उसके गले के साथ छाती व पेट पर भी चाकू से प्रहार किया गया था. इस घटना को लेकर चेंबर ने आंदोलन भी किया था.
हत्या में प्रयुक्त चाकू नहीं खोज सकी पुलिस: प्रियंका हत्याकांड को लेकर केंदुआ में खूब बवाल हुआ था. पुलिस पर मामले को हत्या का दूसरा रूप देने का आरोप लगा था. प्रियंका के पिता लूटपाट के दौरान हत्या का मामला बता रहे थे. पुलिस मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़ कर देख रही थी. पुलिस छानबीन में हत्या में निशांत वर्मा की संलिप्तता सामने आयी. पुलिस ने निशांत के पिता को जेल भेजा था. पुलिस ने बाद में निशांत को दबोचा था. निशांत के घर से प्रिंयका के घर से लूटे गये आभूषण मिले.
निशांत को मदद करने समेत अन्य आरोप में पुलिस ने विनोद प्रसाद, प्रभात कुमार वर्मा व धीरज कुमार को भी जेल भेजा था. पुलिस ने चारों के खिलाफ चार्जशीट दिया था. निशांत ने पुलिस के समक्ष प्रियंका की हत्या कर चाकू बगल के तालाब में फेंक देने की बात कही थी. पुलिस तालाब से चाकू नहीं खोज सकी. कमजोर अभियोजन का लाभ अभियुक्तों को मिला.
सुरेश हत्याकांड में अभियोजन नहीं ला सका गवाह : कोल कारोबारी व कांग्रेस नेता सुरेश सिंह हत्याकांड की सुनवाई बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय की अदालत में हुई. अदालत में अभियोजन पक्ष ने गवाह प्रस्तुत नहीं किया. अदालत ने साक्ष्य के लिए अगली तिथि 16 अगस्त मुकर्रर कर दी.
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