सांप दिखते ही पहुंच जाता है अनिल, 5 हजार से ज्यादा सांपों को पकड़कर जंगल में छोड़ा

Updated:
विज्ञापन

फोटो. सांप पकड़ते अनिल | Prabhat Khabar Network

हजारीबाग के अनिल दांगी 2019 से अब तक 5000 से अधिक सांपों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं. जानिए पर्यावरण संरक्षण की उनकी अनूठी पहल.

विज्ञापन

सिमरिया. प्रखंड के इचाक खुर्द गांव निवासी अनिल कुमार दाँगी वर्ष 2019 से लगातार साँपों के रेस्क्यू का कार्य करते आ रहा है. अनिल चतरा व हजारीबाग जिले के विभिन्न गांव, क्षेत्रों घरों, खेतों, कुओं व अन्य स्थानों पर साँप निकलने की सूचना मिलने पर वह रात हो या दिन मौके पर पहुँचकर साँपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करता हैं. और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास, जंगल में सुरक्षित छोड़ देते हैं. अनिल 2019 से लेकर अबतक पां हजार से अधिक साँपों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर चुका हैं. इनमें विभिन्न प्रजातियों के साँप शामिल हैं. अनिल का उद्देश्य साँपों को मारने से बचाना व मानव-साँप संघर्ष को कम करना है.

आपके शहर में

विज्ञापन

वह रेस्क्यू के साथ-साथ ग्रामीणों व आम लोगों को साँपों के प्रति जागरूक भी करता है. साथ ही लोगों को यह जानकारी दी जाती है कि हर साँप जहरीला नहीं होता. बिना पहचान के किसी साँप को मारना उचित नहीं है. साँप दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने व प्रशिक्षित रेस्क्यूवर को सूचना देने की अपील की.

अनिल कहना है कि साँप पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. खेतों में चूहों जैसे जीवों की संख्या नियंत्रित करने में भी साँप महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए साँपों को बचाना केवल वन्यजीव संरक्षण ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अभियान के माध्यम से अनिल चतरा और हजारीबाग क्षेत्र में लोगों के बीच साँपों को लेकर फैले डर और भ्रांतियों को दूर कर व वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य भी कर रहा है.

इन जहरीले सांपो को जंगल में पकड़कर छोड़ा है

जहरीले साँप में इंडियन कोबरा, नाग,कॉमन करैत, बैंडेड करैत,रसेल वाइपर, गैर-जहरीले साँप में धामन व इंडियन रैट स्नेक, चेकर्ड कीलबैक पानी वाला साँप, कॉमन वुल्फ स्नेक के अलावा अन्य प्रजाति के सांपो को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा है.

वन विभाग से रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराने की मांग

अनिल का कहना है कि उन्हें अब तक वन विभाग की ओर से नियमित रूप से आवश्यक संसाधन व उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है. रेस्क्यू के दौरान आने-जाने, सुरक्षा उपकरण व अन्य आवश्यक संसाधनों का खर्च उन्हें स्वयं उठाना पड़ता है. वन विभाग से रेस्क्यू कार्य के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं रेस्क्यू किट और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है. इनमें स्नेक हुक, स्नेक टोंग, रेस्क्यू बैग/स्नेक बैग, सुरक्षित कंटेनर, सुरक्षात्मक दस्ताने, टॉर्च/हेडलैंप, फर्स्ट-एड किट, सुरक्षा जूते एवं अन्य आवश्यक रेस्क्यू उपकरण शामिल हैं. साथ ही कहा कि रेस्क्यू कार्य को विभागीय स्तर पर सहयोग और संरक्षण दिया जाए, ताकि क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा साँपों के संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती मिल सके.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola