30 घंटे तक हथिनी के शव को दफनाने के लिए जूझता रहा वन विभाग, मुंडा भवन में गुजरी रात, पोस्टमार्टम के लिए गुर्दा सहित छह अंगों के नमूने लिए

Updated:
विज्ञापन

शव दफनाने के लिए खोदा गड्ढा.

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

नोवामुंडी में कुएं में गिरी हथिनी का शव निकालने के लिए वन विभाग की टीम 30 घंटे तक जुटी रही. भारी बारिश और विरोध के बीच सफल रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी जानकारी.

विज्ञापन

नोवामुंडी : नोवामुंडी के बालजोड़ी गांव में कुएं में गिरी हथिनी का शव निकालने से लेकर पोस्टमार्टम और दफनाने तक वन विभाग की टीम को करीब 30 घंटे तक जूझना पड़ा. भारी बारिश, कीचड़ से भरे रास्ते और ग्रामीणों के विरोध के बीच वनकर्मी लगातार अभियान में जुटे रहे. बारिश में छाता लेकर वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह और प्रभारी वनपाल आलोक रंजन महतो खुद मोर्चे पर डटे रहे. गुरुवार की रात घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर मुंडा भवन में गुजारने के बाद टीम शुक्रवार सुबह फिर काम में जुट गई. दो जेसीबी की मदद से कुएं से निकाले गए शव को शुक्रवार को जेसीबी और हाइड्रा की सहायता से डंपर में लोड कर वन क्षेत्र पहुंचाया गया. यहां चार सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया. इसके बाद दोपहर करीब 12:30 बजे तक हथिनी को दफनाने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई.

विज्ञापन

पुराने कुएं में गिरने से हुई थी हथिनी की मौत

घटना नोवामुंडी वन क्षेत्र के बालजोड़ी गांव के सिंदरी गुइ (सिंदरी गौरी) टोला की है. यहां एक खेत में स्थित पुराने कुएं में गिरकर जंगली हथिनी की मौत हो गई थी. गुरुवार सुबह वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना मिली. इसके बाद वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और शव निकालने का अभियान शुरू किया.

ये भी पढ़ें : 18,839 अभ्यर्थियों की परीक्षा पर प्रशासन की पैनी नजर, यहां पढ़ें क्यों जेटेट से पहले डीसी-एसपी ने क्यों किया केंद्रों का निरीक्षण

बारिश, कीचड़ और ग्रामीणों के विरोध ने बढ़ाई परेशानी

लगातार बारिश के कारण घटनास्थल तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ से भर गया था. इससे भारी मशीनों के संचालन में भी परेशानी हो रही थी. दूसरी ओर, गांव के आसपास हथिनी के शव को दफनाने के प्रस्ताव का ग्रामीणों ने विरोध किया. इन मुश्किलों के बीच वन विभाग की टीम शव निकालने में जुटी रही. गुरुवार को बारिश के दौरान वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह और प्रभारी वनपाल आलोक रंजन महतो छाता लेकर मौके पर डटे रहे. इस बीच पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सकों की टीम भी पहुंची, लेकिन रात हो जाने और ग्रामीणों के विरोध के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका. काफी मशक्कत के बाद गुरुवार देर शाम दो जेसीबी मशीनों की मदद से हथिनी के शव को कुएं से बाहर निकाला गया. हालांकि, रात होने के कारण आगे की प्रक्रिया रोकनी पड़ी. इसके बाद वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी घटनास्थल से करीब 500 मीटर दूर स्थित मुंडा भवन में रुके. शुक्रवार सुबह होते ही टीम दोबारा अभियान में जुट गई.

पोस्टमार्टम के लिए पहुंची टीम.
पोस्टमार्टम के लिए पहुंची टीम.

जेसीबी और हाइड्रा से डंपर में लोड किया शव

शुक्रवार सुबह दो जेसीबी और एक हाइड्रा की मदद से हथिनी के शव को डंपर में लोड किया गया. इसके बाद शव को घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित वन क्षेत्र में ले जाया गया. यहीं पोस्टमार्टम और दफनाने की व्यवस्था की गई थी. हथिनी के पोस्टमार्टम के लिए चार सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची थी. इसमें नोवामुंडी से डॉ. पूजा मुखर्जी, जगन्नाथपुर से डॉ. सौरभ, मनोहरपुर से डॉ. गोपाल अग्रवाल तथा विभागीय चिकित्सक डॉ. साफी शामिल थे. पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने गुर्दा सहित शरीर के कुल छह अंगों के नमूने एकत्र किए. सभी नमूनों को सीलबंद कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पटवार, खेलगांव, रांची भेजा जाएगा. वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मृत हथिनी की उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष थी. वह गर्भवती नहीं थी. हथिनी की मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा.

ये भी पढ़ें : आसमान से चक्रवात की आफत, जमीन पर गजराजों का कहर, 52 हाथियों ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत

वन विभाग की कई टीमों ने संभाला मोर्चा

पूरे अभियान में वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में प्रभारी वनपाल आलोक रंजन महतो समेत वन विभाग के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई. शव को कुएं से निकालने, मशीनों की व्यवस्था करने, डंपर में लोड कराने, पोस्टमार्टम और दफनाने तक टीम लगातार जुटी रही. अभियान में रविंद्रनाथ पाहन, साधुचरण बोएपाई, महेश्वर गौड़, मातियस सोय, लक्ष्मी टुडू, चंदन कुमार, एस कुमार सिनकु, भीम सिंह लागुरी, बिष्टु चांपिया, बागरा सुरेन, रामदेव चांपिया और सुदेश कोड़ा समेत अन्य वनकर्मी शामिल थे. हाटगम्हरिया, चाईबासा और नोवामुंडी वन विभाग की टीमों के साथ जेसीबी ऑपरेटरों ने भी सहयोग किया.

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola