सिंटर प्लांट में मजदूर संवाद, ठेका श्रमिकों के वेतन-सुरक्षा पर उठी आवाज

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मजदूर संवाद कार्यक्रम में शामिल लोग | Prabhat Khabar Network

ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा ने सिंटर प्लांट का दौरा कर ठेका मजदूरों के मुद्दों को उठाया. यूनियन नेताओं ने प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए वेतन, सुरक्षा और सुविधाओं में सुधार की मांग की.

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ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा की टीम ने शनिवार को मजदूर संवाद कार्यक्रम के तहत सिंटर प्लांट का दौरा किया. इस दौरान यूनियन नेताओं ने ठेका मजदूरों के वेतन, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल पर सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रबंधन की नीतियों पर सवाल उठाये. मजदूरों ने भी अपनी समस्याएं नेताओं के सामने रखीं और समाधान की मांग की.

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ठेका मजदूरों के लिए तय हो वेतन संरचना

एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि इस्पात उद्योग की सभी यूनियनों ने नियमित मजदूरों के साथ ठेका मजदूरों के वेतन पुनरीक्षण और वृद्धि की मांग सर्वसम्मति से उठायी है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उद्योग को मजबूत और टिकाऊ बनाने में ठेका मजदूरों का महत्वपूर्ण योगदान है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका मजदूर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सेवा शर्तों के मामले में शोषण का सामना कर रहे हैं. कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा को भी पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों के लिए स्पष्ट और निर्धारित वेतन संरचना लागू होनी चाहिए.

'ठेकेदार बदल सकता है, मजदूर नहीं'

रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि संबंधित उप समिति में सभी ठेका मजदूरों के लिए भुगतान संरचना की मांग की गयी थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे स्वीकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि ठेका मजदूरों की नौकरी बचाने के लिए यूनियन ने 'ठेकेदार बदल सकता है, लेकिन ठेका मजदूर नहीं' का नारा दिया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में 26 दिनों तक काम करने के बावजूद ठेका मजदूरों को पूरी मजदूरी नहीं मिलती. उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करने की मांग की.

मजदूरों ने गिनायीं प्लांट की समस्याएं

सीटू के महामंत्री आरके गोरांई ने मजदूरों से सीधे संवाद किया. मजदूरों ने सिंटर प्लांट में शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने, प्रदूषण, धूल-धक्कड़ और रेस्ट रूम की कमी जैसी समस्याएं बतायीं. मजदूरों ने ब्लास्ट फर्नेस से कूलिंग पोंड की ओर जाने वाले गेट नंबर पांच की खराब सड़क को लेकर भी चिंता जतायी.

मजदूरों ने कहा कि अधिकारियों के पीआरपी भुगतान में आसानी होती है, लेकिन मजदूरों के भुगतान के मामले में प्रक्रिया लंबी होती रहती है.

30 अगस्त के कन्वेंशन में जुटने की अपील

आरके गोरांई ने मजदूरों से बीएसएल कर्मचारियों और ठेका मजदूरों को एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने आगामी 30 अगस्त को सेक्टर-2 कला केंद्र में आयोजित मजदूर कन्वेंशन को सफल बनाने की अपील की.

कार्यक्रम में राजीव गुप्ता, सिकंदर कुमार, प्राण सिंह, देव कुमार समेत अन्य ने भी अपने विचार रखे.


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