1. home Hindi News
  2. state
  3. jharkhand
  4. bokaro
  5. mnrega showed handicapped jina rama the way to live become water and feed water to villagers

मनरेगा ने दिव्यांग जीना राम को दिखायी जीने की राह, मेठ बन ग्रामीणों को पिला रहें पानी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
अपनी जमीन पर डोभा निर्माण के लिए अन्य मजदूरों के साथ काम करते जीना राम सोरेन.
अपनी जमीन पर डोभा निर्माण के लिए अन्य मजदूरों के साथ काम करते जीना राम सोरेन.
फोटो : प्रभात खबर.

ललपनिया (बोकारो) : बोकारो जिला अंतर्गत गोमिया प्रंखड का उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र है टीकाहारा पंचायत. इस पंचायत के संताल बाहुल्य गांव में एक संताली दिव्यांग युवक जीना राम सोरेन को मनरेगा ने जीने की नयी राह दिखायी है. खुद की जमीन में मनरेगा की ओर से डोभा खुदाई की स्वीकृति मिली. इससे जीना राम को एक साथ दोहरा फायदा हो गया. एक तो उसकी जमीन पर डोभा का निर्माण हो रहा है, वहीं मेठ का भी काम मिला है, जिससे डोभा निर्माण से जुड़े ग्रामीणों को पानी पिला रहे हैं. पढ़ें नागेश्वर की रिपोर्ट.

गोमिया प्रखंड अंतर्गत टीकाहरा पंचायत के दिव्यांग युवक जीना राम सोरेन में अब गजब का आत्मविश्वास आ गया है. मनरेगा ने उन्हें जीने की नयी राह दिखा दी है. पहले जीना राम छोटी-मोटी दुकान चला कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था. पटवन के अभाव में करीब डेढ़ एकड़ जमीन परती पड़ी हुई थी. लेकिन,अब इसी जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति मिली है.

एक सप्ताह पूर्व रोजगार सेवक राजकुमार प्रसाद से जीना राम की मुलाकात हुई. रोजगार सेवक ने बीपीओ राकेश कुमार को दिव्यांग जीना राम के बारे में बताया. बीपीओ श्री कुमार ने जीना राम के जज्बे को देख उसे डोभा निर्माण का कार्य दिया. इसी बीच जीना राम के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन होने की जानकारी मिली. जीना राम की इच्छानुसार बीपीओ श्री कुमार ने मनरेगा के तहत डेढ़ लाख रुपये की लागत से जीना राम की जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति दी.

डोभा से खुशहाल परिवार

डोभा मिलने के साथ ही जीना राम को मेठ का भी काम दिया गया, ताकि डोभा कार्य में लगे दूसरे मजदूरों को पानी पिला सकें. इस तरह जीना राम को खुद की जमीन पर डोभा निर्माण की स्वीकृति भी मिल गयी और काम भी मिला गया. डोभा में उसकी पत्नी भी काम कर रही है. डोभा मिलने से जीना राम सोरेन का परिवार काफी खुशहाल दिख रहा है.

अब परती जमीन पर होगी अच्छी पैदावार

दिव्यांग जीना राम कहते हैं कि मनरेगा ने उन्हें जीने की एक नयी राह दिखायी है. कहते हैं कि परती जमीन होने के कारण पहले कुछ खेती-बारी नहीं हो पाता था, लेकिन अब डोभा बन जाने से आसपास के खेतों में पानी पहुंच पायेगा. परती भूमि पर साग- सब्जियों के अलावा अन्य फसलों की पैदावार भी हो सकेगी. अब तो डोभा में मछली पालन की भी योजना है. कहते हैं कि पहले डैम किनारे मछली पकड़ने जाते थे, लेकिन अब डोभा में ही मछली पालन करेंगे. यह रोजगार का भी साधन बन सकता है.

बाइक चलाते दिव्यांग जीना राम सोरेन.
बाइक चलाते दिव्यांग जीना राम सोरेन.
फोटो : प्रभात खबर.

दिव्यांगता शारीरिक कमी, मानसिक नहीं : जीना राम सोरेन

जीना राम सोरेन कहते हैं कि हम भले ही दिव्यांग हैं, लेकिन लाचार नहीं. मन में अगर कुछ करने की इच्छा हो और किसी का साथ मिले, तो हर मुश्किल आसान हो सकती है. ऐसा मेरे साथ भी हुआ है. बाइक चलाना भलीभांति जानते हैं. अब इसका भी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा दिव्यांगता मानसिक नहीं शारीरिक है. इससे हार न मानें.

योजनाओं का लाभ सभी को मिले : प्रवीण कुमार अंबष्ट

गोमिया प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रवीण कुमार अंबष्ट कहते हैं कि दिव्यांग जीना राम का कार्य के प्रति जज्बा लाजवाब है. मनरेगा के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. इसमें नि:शक्त भी कहीं पीछे नहीं हैं. दिव्यांग जीना राम इसका सफल उदाहरण हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर किसी को मिले, इसके लिए हमेशा प्रयासरत हैं.

Posted By : Samir ranjan.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें