बिहार में काफी दिनों से चल रहा था हिंसा भड़काने का खेल, पटना में एक माह पहले दर्ज हुई थी प्राथमिकी

Updated at : 17 Jul 2022 7:38 AM (IST)
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बिहार में काफी दिनों से चल रहा था हिंसा भड़काने का खेल, पटना में एक माह पहले दर्ज हुई थी प्राथमिकी

देश विरोधी गतिविधियों को संचालित किये जाने की जानकारी पटना पुलिस को एक माह पहले ही मिली थी. इससे संबंधित प्राथमिकी दस जून को फुलवारीशरीफ थानाध्यक्ष एकरार अहमद के बयान पर दर्ज की गयी थी. लेकिन इस मामले में विशेष जांच नहीं की गयी.

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पटना. देश विरोधी गतिविधियों को संचालित किये जाने की जानकारी पटना पुलिस को एक माह पहले ही मिली थी. इससे संबंधित प्राथमिकी दस जून को फुलवारीशरीफ थानाध्यक्ष एकरार अहमद के बयान पर दर्ज की गयी थी. लेकिन इस मामले में विशेष जांच नहीं की गयी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना आगमन का कार्यक्रम बनने के बाद देश की एजेंसी आइबी भी सक्रिय हुई और उसने पटना पुलिस को देश विरोधी गतिविधि को कुछ संगठनों द्वारा संचालित किये जाने की जानकारी दी.

फुलवारीशरीफ थाने में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

इसके बाद पटना पुलिस सक्रिय हुई और पीएफआइ व एसडीपीआइ संगठन की जानकारी मिली. थानाध्यक्ष के बयान के आधार पर फुलवारीशरीफ थाने में दर्ज प्राथमिकी में बताया गया था कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा संप्रदायिक सद्भाव खराब करने के लिए छपवाया गया पंपलेट व्हाट्सअप पर वायरल किया जा रहा है. थाना के सरकारी मोबाइल नंबर के व्हाट्सअप पर भी उक्त पंपलेट पोस्ट किया गया था.

काफी दिनों से चल रहा था हिंसा भड़काने का खेल

पोस्टरों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट के जरिये काफी दिनों से फुलवारी में धार्मिक भावनाएं भड़काने और हिंसा फैलाने की साजिश रची जा रही थी. पंपलेट वितरण करा कर अजनबी चेहरे भी ऐसा कुचक्र रच रहे थे. ऐसे कार्यों में छोटे-छोटे बच्चों का भी सहारा लिया जा रहा था. फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम के जरिये ऐसे पोस्ट और वीडियो डाले जा रहे थे. अब ऐसे लोगों की तलाश की जा रही है. फुलवारीशरीफ थाना में दर्ज मुकदमे में जिन लोगों के नाम सामने आये हैं, उनसे सोशल मीडिया पर जुड़े लोग अब धीरे-धीरे कन्नी काट रहे हैं. वे ऐसे ग्रुप से लेफ्ट हो रहे हैं.

जमीन की खरीद बिक्री भी करते थे अरमान व परवेज

भारत विरोधी मुहिम चलाने के आरोप में गिरफ्तार अरमान मलिक और अतहर परवेज जमीन की खरीद-बिक्री का धंधा भी करते थे. पूछताछ और छापेमारी में इससे संबंधित कुछ सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं. एडिशनल एसपी मनीष कुमार सिन्हा ने भी इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि अरमान मलिक और अतहर परवेज ने पूछताछ में बताया है कि वे लोग जमीन की खरीद बिक्री के कारोबार से भी जुड़े हुए हैं. गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर जलालुद्दीन के भाई अशरफ अली से भी इन लोगों का कारोबारी संबंध था. पुलिस ने अतहर परवेज और अरमान मलिक को रिमांड पर लिया है.

जांच में इडी भी शामिल रहेगी

पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि जमीन की खरीद बिक्री के अलावा इन लोगों के पास आय के और स्रोत क्या-क्या हैं. एएसपी के मुताबिक, इस मामले की जांच में इडी भी शामिल रहेगी. अरमान मलिक ने जामिया से पढ़ाई की है. इसके अलावा उसके पास बीएड की भी डिग्री है. अरमान मलिक से पूछताछ की जायेगी कि उनसे पीएफआइ और एसडीपीआइ के किन-किन लोगों से संबंध हैं. नया टोला के अहमद पैलेस में बाहर से आये जिन लोगों को मार्शल आर्ट और शारीरिक शिक्षा की आड़ में देश विरोधी कार्यों की जो ट्रेनिंग दी गयी, वे लोग किन-किन जिलों में हैं और वे लोग अभी तक क्या कर रहे हैं.

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