50 हजार लीटर शराब की गयी नष्ट

Updated at : 01 Apr 2016 3:45 AM (IST)
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50 हजार लीटर शराब की गयी नष्ट

शराब की गंध से नष्ट करनेवाले कर्मी और पदाधिकारी होने लगे बेहोश जेसीबी की सहायता से बोतल और रैपर भी हुए नष्ट भगवानपुर : राज्य सरकार द्वारा घोषित शराब बंदी को लागू करने के लिए कमर कसे जिला प्रशासन ने अभियान चला कर शराब को नष्ट कराया. प्रखंड में चल रहे स्पाइसी बेव्रीज प्राइवेट लिमिटेड […]

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शराब की गंध से नष्ट करनेवाले कर्मी और पदाधिकारी होने लगे बेहोश

जेसीबी की सहायता से बोतल और रैपर भी हुए नष्ट
भगवानपुर : राज्य सरकार द्वारा घोषित शराब बंदी को लागू करने के लिए कमर कसे जिला प्रशासन ने अभियान चला कर शराब को नष्ट कराया. प्रखंड में चल रहे स्पाइसी बेव्रीज प्राइवेट लिमिटेड में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी ने हजारों लीटर शराब एवं खाली बोतल, रैपर आदि को नष्ट कराया. प्रखंड विकास पदाधिकारी नरेंद्र प्रसाद एवं उत्पाद निरीक्षक अजय शंकर सहाय की देखरेख में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी राजीव रंजन ने फैक्टरी पर छापेमारी कर हजारों लीटर तैयार और हजारों कार्टून में पैक शराब को नष्ट किया गया.
जेसीबी की लेनी पड़ी सहायता : पूरी तैयारी में आयी टीम ने शराब नष्ट करने के पूर्व जेसीबी से एक बड़ा गड्ढा खोद कर उसमें शराब को बहाया गया. शराब इतनी अधिक मात्रा में थी कि कई बड़े-बड़े गड्ढे भर गये. कार्टून में पैड्की गयी शराब को बाहर निकाल कर जेसीबी एवं बोलेरो से रौंद कर नष्ट किया गया. तैयार शराब इतनी अधिक मात्रा में थी कि उसे नष्ट करने में कई घंटे लगे. लाखों की संख्या में खाली बोतल और रैपर भी नष्ट करा दिये गये.
गंध से नशे में आये कर्मी : लगातार कई घंटे तक शराब को नष्ट करने के काम में लगे कर्मी और पदाधिकारी उसकी गंध से नशे की जैसी हालत में आ गये. शराब को नष्ट करने में लगे कर्मी और पदाधिकारी घंटों शराब की गंध के साथ रहने के कारण नशे जैसी हालत में आने के बाद भी लगातार कई घंटे तक अभियान चला कर शराब नष्ट करने के बाद फैक्टरी को सील किया गया. बीडीओ श्री प्रसाद ने बताया कि इस फैक्टरी की उत्पादन क्षमता लाखों लीटर प्रतिदिन है. अभियान के दौरान 48 हजार लीटर से अधिक शराब गड्ढे में बहायी गयी,
जबकि कई हजार पैक शराब भी नष्ट की गयी. नष्ट करने का अभियान देर रात तक चलता रहा.
शराबियों में छायी मायूसी : सरकार की शराबबंदी की घोषणा लागू किये जाने को लेकर प्रशासनिक सक्रियता देख कर आदतन शराबियों में मायूसी छा गयी. अब तक वे यह समझ रहे थे कि शराब बंदी की घोषणा भले ही कर दी गयी हो, लेकिन यह सरजमीं पर नहीं उतर पायेगी. शुक्रवार को प्रशासनिक सक्रियता देख वैसे लोगों का नशा काफूर हो गया और अब वे नये विकल्प की तलाश में लग गये हैं.
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