रेल ग्राम प्रदर्शनी में बताया जा रहा रेलवे का इतिहास

Updated at : 28 Nov 2015 6:22 AM (IST)
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रेल ग्राम प्रदर्शनी में बताया जा रहा रेलवे का इतिहास

हरिहरक्षेत्र सोनपुर : ऐतिहासिक हरिहर क्षेत्र मेले में रेलवे द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी लोगों को लुभा रही है. रेल प्रदर्शनी जहां लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं नयी जानकारी भी उपलब्ध करा रही है. प्रदर्शनी में रेलवे से जुड़े सभी पहलुओं को काफी बारिकी से प्रस्तुत किया गया है. आधुनिक और प्राचीन उपकरणों एवं […]

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हरिहरक्षेत्र सोनपुर : ऐतिहासिक हरिहर क्षेत्र मेले में रेलवे द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी लोगों को लुभा रही है. रेल प्रदर्शनी जहां लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं नयी जानकारी भी उपलब्ध करा रही है. प्रदर्शनी में रेलवे से जुड़े सभी पहलुओं को काफी बारिकी से प्रस्तुत किया गया है. आधुनिक और प्राचीन उपकरणों एवं रेल के मॉडल देख लोग चकित हो रहे हैं. मॉडलों में आइसीएफ फियेट बोगी,

इंट्रीग्रल कोच द्वारा 1935 में निर्मित आइसीएफ ट्रॉली, एचबीएल कोच, समादि व डिपो, वाशिंग पीट, क्रेन, डब्ल्यूटी स्टीम इंजन, कोनकार वैगन, डीजल इंजन आदि के मॉडल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. रेलवे प्रक्षेत्र में आनेवाली नदियों और उस पर बने पुल के मॉडल लोगों को चकित कर रहे हैं. मेले में आये कुछ युवाओं ने कहा कि रेलवे की प्रदर्शनी से हमें कुछ नयी जानकारी प्राप्त हुई.

नशा खिलानेवाले गिरोह के प्रति किया जा रहा सतर्क : रेलयात्रा के दौरान नशा खिलानेवाले गिरोह व आपराधिक घटनाओं से बचने की जानकारी भी प्रमुखता से दी जा रही है. प्रदर्शनी में रेलवे के विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगे हैं, जिनमें लोग सुविधा अनुसार लोग जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. चिकित्सा विभाग, बहुआयामी निर्माण योजना, भारतीय रेल खान-पान एवं पर्यटन विभाग, वाणिज्य, संकेत एवं दूर संचार, संरक्षा विभाग और राजभाषा विभाग ने अपनी प्रदर्शनी लगायी है.
राजभाषा विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी विशेष आकर्षित कर रही है.
महिला कल्याण संगठन का स्टॉल बना आकर्षण : रेलवे ग्राम परिसर में महिला कल्याण संगठन सोनपुर द्वारा उपलब्ध करायी और लगायी गयी दुकानें भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जिनमें रेडिमेड कपड़े, सिलाई मशीन, एलेक्ट्रॉनिक साजो-सामान सहित शृंगार प्रसाधन की दुकानें लगी हैं. रेलवे ग्राम प्रदर्शनी में लोगों की भीड़ से रेलवे प्रशासन खुश दिखायी देता है.
रेलवे के इस प्रयास को राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा : राष्ट्रभाषा हिंदी को यहां प्राथमिकता से प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है. इसके लिए महान चिंतकों, साहित्यकारों एवं देशप्रेमियों के विचारों को प्रदर्शित किया गया है.
प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के विचार कि ‘हिंदी चिर काल से ही ऐसी भाषा रही है, जिसे मात्र विदेशी होने कारण किसी शब्द का बहिष्कार नहीं किया’लोगों को प्रेरित कर रहा है. इसी प्रकार सरदार बल्लभ भाई पटेल के विचार ‘हर व्यक्ति का कर्त्तव्य है कि राष्ट्रभाषा हिंदी की उन्नति बढ़ाये और उसकी सेवा करें. हिंदी का पट महासागर की तरह हैं’.
इसी प्रकार आरसी प्रसाद, बाबा कालेलकर, नागार्जुन,जानकारी बल्लभ शास्त्री, कालिदास, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विचार लोगों को हिंदी के प्रति प्रेरित कर रहे हैं. इसके लिए अधिनियम 1963 की धारा 3 की उपधारा 3 के निर्देश भी प्रमुखता के साथ प्रदर्शित हैं. छात्र विक्रम, मोना, सिल्की, विनय के अलावा युवा और अन्य महिला-पुरुषों ने रेलवे के राजभाषा विभाग की इस कार्य के लिए बधाई दी है.
लोगों ने प्रशंसनीय बताया.
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