अपनी पत्नी व गर्लफ्रेंड को देते थे लिस्ट, कहते थे टारगेट पूरा करों, अब ट्रांजेक्शन से पीड़ित तक पहुंचेगी पुलिस

Updated:
विज्ञापन

Cyber Fraud: थानाध्यक्ष मनोरंजन भारती ने बताया कि फरार अन्य साइबर साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. कॉल डिटेल निकालने जा रहे हैं, गौरतलब है कि आरोपित गौतम को 31 अक्टूबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

विज्ञापन

Cyber Fraud: पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र से साइबर ठग गौतम कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. पुलिस के अनुसार यह कोई छोटा मोटा गिरोह नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला गिरोह है और अब तक हजारों लोगों को टारगेट कर चुका है. मिली जानकारी के अनुसार शातिर ने इस साइबर ठगी के खेल में अपनी पत्नी व गर्लफ्रेंड को भी शामिल कर रखा था. सभी को मास्टरमाइंड संतोष एक लिस्ट देता था, जिसमें नंबर नाम पता समेत बाकी की जानकारियां रहती थी.

आपके शहर में

विज्ञापन

उन सभी को टारगेट दिया जाता था कि आज इतने पैसे का ट्रांजैक्शन करना है, पुलिस जब पहले दिन की पहले दिन ही जांच करने अपार्टमेंट पहुंची थी तो वहां के लोगों ने बताया कि कार से कई लड़कियां आती थी. गिरफ्तार साइबर ठग से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि यह एक ऑर्गेनाइज गिरोह है. थानाध्यक्ष मनोरंजन भारती ने बताया कि फरार अन्य साइबर साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. कॉल डिटेल निकालने जा रहे हैं, गौरतलब है कि आरोपित गौतम को 31 अक्टूबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

इस मामले में पुलिस बुधवार को उस फ्लाइट में फिर जांच के लिए पहुंची. इस केस के आयु अनिल कुमार ने बताया कि जांच चल रही है पुलिस अब गिरफ्तार शातिर के पास से बरामद एटीएम कार्ड के ट्रांजेक्शन से पीड़ित तक पहुंचेंगे. पुलिस पीड़ितों से बातचीत कर थाने में दिए गए आवेदन की कॉपी भी मंगवाई. थानाध्यक्ष मनोरंजन भारती ने बताया कि केस मजबूत करने के लिए पीड़ितों की प्राथमिकी के आधार पर धारा लगेगी.

खरीदी गई संपत्ति की भी कराई जाएगी जांच

साइबर शातिरों द्वारा खरीदी गई संपत्ति की भी जांच कराई जाएगी या किसके नाम पर और कितनी संपत्ति है. पुलिस आरोपी के घर के बैकग्राउंड को खंगालने में जुटी है. मालूम हो कि फ्लाइट में छापेमारी के दौरान पुलिस को जमीन के कागजात मिले थे.

Also Read: BPSC Notice: बिहार लोक सेवा आयोग ने बढ़ाई और तीन सीटें, अब इस तारीख तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन

जिस्मफरोशी की रैकेट तो नहीं…

सूत्रों के अनुसार फ्लाइट में साइबर ठगी के साथ और भी अवैध धंधे चलाए जा रहे थे. कहीं वह धंधा जिस्मफरोशी का तो नहीं… अपार्टमेंट के एक शख्स ने बताया कि लड़कियों के आने जाने से लोगों को शक था कि यहां गलत हो रहा है. कमरे में बेड दवाइयां शराब व ऐयाशी के सामान से यह शक और भी गहरा हो रहा है

Posted by: Radheshyam Kushwaha

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन