जदिया में 16 महीने से अटका स्वास्थ्य केंद्र, जमीन देने पर भी नहीं बढ़ी प्रक्रिया, बैठक में भिड़े सीओ और जनप्रतिनिधि
बीस सूत्री की बैठक में भिड़े सीओ और जनप्रतिनिधि | Prabhat Khabar Network
जदिया में स्वास्थ्य सुविधा के लिए प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र का मामला 16 महीने से अटका हुआ है. जमीन उपलब्ध कराने की सहमति के बावजूद सरकारी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है. इस मुद्दे पर हुई बैठक में अंचल अधिकारी और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई, जिससे विवाद बढ़ गया है.
Jadia Health Centre Land Dispute: सुपौल जदिया में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल हुई, लेकिन सरकारी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. मंगलवार को इसी मुद्दे ने बीस सूत्री प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में ऐसा तूल पकड़ा कि अंचल अधिकारी और बीस सूत्री सदस्य के बीच तीखी नोक-झोंक हो गयी. मामला बढ़ता देख बीडीओ और बीपीआरओ को हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराना पड़ा.
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अब यह विवाद केवल बैठक में हुई बहस तक सीमित नहीं है. त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है. प्रतिनिधियों ने गुरुवार को विशेष बैठक बुलायी है. इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है. कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी भी दी गयी है.
चार कट्ठा जमीन देने की सहमति, फिर भी 16 महीने से इंतजार
जदिया में प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए बीस सूत्री सदस्य संजय अग्रवाल ने अपनी निजी जमीन देने की सहमति दी थी. उनका कहना है कि उनके पास कुल 18 कट्ठा जमीन है. इसमें चार कट्ठा हिस्से पर महादलित परिवारों का कब्जा है, जबकि शेष 14 कट्ठा में से चार कट्ठा जमीन स्वास्थ्य केंद्र के लिए देने की बात तय हुई थी.
संजय अग्रवाल के अनुसार, जमीन उपलब्ध कराने की सहमति और प्रस्ताव के बावजूद करीब 16 महीने से मामला अंचल कार्यालय में लंबित है. उनका आरोप है कि बार-बार मामला उठाने के बावजूद आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी.
उनका कहना है कि यदि जमीन से संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती तो जदिया के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए दूसरे स्थानों का रुख नहीं करना पड़ता. खासकर प्राथमिक उपचार के लिए ग्रामीणों को होने वाली परेशानी कम हो सकती थी.
बैठक में सवाल उठा तो गर्म हो गया माहौल
मंगलवार को प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित स्वच्छता कार्यालय में बीस सूत्री प्रखंड कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक चल रही थी. अध्यक्षता प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष मोहम्मद कमाल खान ने की, जबकि संचालन बीडीओ परमानंद प्रसाद कर रहे थे.
बैठक में जदिया के प्रस्तावित उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जमीन उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया गया. इसी दौरान बीस सूत्री सदस्य संजय अग्रवाल और अंचल अधिकारी प्रियंका सिंह के बीच बहस शुरू हो गयी.
देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोक-झोंक होने लगी. बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों के बीच भी स्थिति को लेकर हलचल बढ़ गयी. मामला आगे बढ़ता देख बीडीओ और बीपीआरओ ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया.
जनप्रतिनिधियों ने सीओ की कार्यशैली पर उठाये सवाल
बैठक में हुए विवाद के बाद पंचायत प्रतिनिधियों का आक्रोश और बढ़ गया. मुखिया संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बीस सूत्री समिति की बैठक प्रखंड स्तर पर विकास कार्यों और जनता की समस्याओं की समीक्षा का महत्वपूर्ण मंच है. ऐसे मंच पर जनप्रतिनिधियों के साथ अमर्यादित व्यवहार उचित नहीं है.
उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े सवाल उठाने वाले जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने अंचल कार्यालय में आम लोगों के कामकाज को लेकर भी शिकायतें मिलने का दावा किया और कार्यालय की कार्यशैली की जांच की मांग की.
सरपंच संघ के अध्यक्ष सह बीस सूत्री सदस्य संतोष कुमार ने भी घटना पर नाराजगी जतायी. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का काम जनता की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखना है. यदि उनके सवालों पर ही इस तरह का व्यवहार होगा तो आम लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा.
गुरुवार को विशेष बैठक, फिर एसडीओ से मिलेंगे प्रतिनिधि
मामले को लेकर अब त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने आगे की रणनीति तैयार करने का फैसला किया है. मुखिया संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार के अनुसार, गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय में प्रतिनिधियों की विशेष बैठक होगी.
इस बैठक में बीस सूत्री समिति की बैठक में हुए घटनाक्रम के साथ अंचल कार्यालय की कार्यशैली को लेकर भी चर्चा होगी. इसके बाद प्रतिनिधियों का शिष्टमंडल अनुमंडल पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज को ज्ञापन सौंपेगा.
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो अनुमंडल मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जायेगा.
Jadia Health Centre Land Dispute: स्वास्थ्य केंद्र बनने से कई गांवों को मिल सकता है फायदा
जदिया क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केंद्र की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है. ग्रामीणों के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से आसपास के कई गांवों के लोगों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है.
यही वजह है कि जमीन उपलब्ध कराने की पहल के बावजूद निर्माण की प्रक्रिया का लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.
अब पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. एक तरफ जमीन उपलब्ध कराने को लेकर सहमति का दावा है, तो दूसरी तरफ सरकारी स्तर पर लंबित प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मंगलवार की बैठक का विवाद इसी पुराने मामले को फिर केंद्र में ले आया है.
फिलहाल जनप्रतिनिधियों की विशेष बैठक और एसडीओ को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर सबकी नजर है. इसके बाद यह साफ होगा कि 16 महीने से लंबित स्वास्थ्य केंद्र की जमीन संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ती है या विवाद आंदोलन का रूप लेता है.

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