परीक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Feb 2016 4:02 AM
सुपौल : शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता एवं मनमानी की वजह से जिला मुख्यालय के सरकारी मध्य विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों छात्रों की पढ़ाई बाधित है. इन विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षक बिना कोई काम किये बीइओ कार्यालय में हाजिरी बनाने के बाद छुट्टी मना रहे हैं. इसमें उन विद्यालयों के शिक्षक भी शामिल हैं, […]
सुपौल : शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता एवं मनमानी की वजह से जिला मुख्यालय के सरकारी मध्य विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों छात्रों की पढ़ाई बाधित है. इन विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षक बिना कोई काम किये बीइओ कार्यालय में हाजिरी बनाने के बाद छुट्टी मना रहे हैं. इसमें उन विद्यालयों के शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्हें इंटरमीडिएट परीक्षा के नाम पर बंद कर दिया गया है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है,
वहां पदस्थापित शिक्षकों की कहीं भी ड्यूटी नहीं लगायी गयी है. विद्यालय में पढ़ाई बाधित रहने के कारण नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा पर प्रश्न चिह्न लग रहा है.
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