सीतामढ़ी : इलाके में अगलगी की बढ़ती घटनाओं को लेकर ले ही अधिकारियों द्वारा लगातार लोगों को सचेत किया जा रहा है. लेकिन हैरत की बात यह की सरकारी कार्यालय, अस्पताल व स्कूलों में अगलगी पर काबू पाने की कोई व्यवस्था नहीं है. मामूली सीज फायर जैसे अग्निशमन यंत्र का अभाव है. सदर अस्पताल की […]
सीतामढ़ी : इलाके में अगलगी की बढ़ती घटनाओं को लेकर ले ही अधिकारियों द्वारा लगातार लोगों को सचेत किया जा रहा है. लेकिन हैरत की बात यह की सरकारी कार्यालय, अस्पताल व स्कूलों में अगलगी पर काबू पाने की कोई व्यवस्था नहीं है. मामूली सीज फायर जैसे अग्निशमन यंत्र का अभाव है. सदर अस्पताल की बात छोड़ दे तो जिले के किसी भी पीएचसी या रेफरल अस्पताल में सीज फायर उपलब्ध नहीं है. ऐसे में अगर किसी अस्पताल में आग लग जाये तो मरीजों का भगवान ही मालिक होगा.
सदर अस्पताल में भी हाल ही में सीज फायर यंत्र की खरीद हुई है. जिला मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पीएचसी प्रभारी डॉ कामेश्वर प्रसाद ने बताया की अग्निशामक यंत्र की खरीद के लिए कोई फंड नहीं है. वैसे अस्पताल के दवा स्टोर रूम में मात्र एक सीज फायर लगाया गया है.
सरकारी विद्यालयों व कार्यालयों में भी आग से बचाव की व्यवस्था नहीं
जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों व विद्यालयों में भी अगलगी से निपटने के लिए सीज फायर नहीं लगाया गया है. खासकर जिले के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध नहीं किये गये है. जबकि इन विद्यालयों में मिड डे मील योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन बनता है. वह भी गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है. बावजूद विभागीय लोग हाल में घटी सिलेंडर विस्फोट की घटना में हुई एक महिला की मौत से सबक नहीं ले रहे है. जबकि इस घटना से विद्यालय जाने वाले बच्चे व अभिभावक भयभीत दिख रहे है. यदि विभागीय लोग अग्नि सुरक्षा से निपटने लिए सीज फायर की व्यवस्था नहीं करते है तो किसी अनहोनी घटना की आशंका बनी रहेगी.