निजी सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति अवैध
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :25 Aug 2016 5:35 AM (IST)
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सदर अस्पताल. सरकारी आदेश की अवहेलना कर रहा अस्पताल प्रशासन सरकारी विभागों में नहीं होनी है निजी गार्ड की नियुक्ति सदर अस्पताल व पीएचसी में तैनात िकये गये हैं निजी गार्ड सीतामढ़ी : राज्य सरकार के किसी भी सरकारी विभाग में सुरक्षा कार्य के लिए निजी गार्डों की सेवा नहीं लेनी है. अगर सुरक्षा कारणों […]
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सदर अस्पताल. सरकारी आदेश की अवहेलना कर रहा अस्पताल प्रशासन
सरकारी विभागों में नहीं होनी है निजी गार्ड की नियुक्ति
सदर अस्पताल व पीएचसी में तैनात िकये गये हैं निजी गार्ड
सीतामढ़ी : राज्य सरकार के किसी भी सरकारी विभाग में सुरक्षा कार्य के लिए निजी गार्डों की सेवा नहीं लेनी है. अगर सुरक्षा कारणों से सेवा लेनी पड़ी, तो गृहरक्षकों को लगाया जाना है.
सरकार का उक्त आदेश वर्षों पूर्व का है. यह आदेश सिविल सर्जन के कार्यालय में धूल फांक रहा है. यानी सरकार के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर सिविल सर्जन द्वारा सदर अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा के लिए गृहरक्षकों के बजाय निजी गार्डों को लगाया गया है. वर्षों से निजी गार्ड की ही सेवा ली जा रही है.
गृह विशेष विभाग ने छह दिसंबर 2000 एवं गृहरक्षावाहिनी मुख्यालय ने तीन मार्च 2011 को डीएम को पत्र भेज अवगत कराया था कि राज्य के किसी भी विभाग में सुरक्षा कार्य के लिए निजी सुरक्षा गार्ड को नहीं लगाया जाएगा.
बावजूद सीएस द्वारा निजी गार्ड की तैनाती करा दी गयी. इधर, गृहरक्षावाहिनी के जिला समादेष्टा ने डीएम को पत्र भेज सदर अस्पताल व पीएचसी से निजी सुरक्षा गार्डों को वापस बुलाने व आवश्यकता होने पर गृहरक्षकों की प्रतिनियुक्ति कराने का आग्रह किया है.
जिला समादेष्टा ने सरकार के निर्देशों से भी पीएम को अवगत कराया है. जानकारी दी है कि गार्ड की उम्र 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, पर जो निजी गार्ड लगाये गये है उनमें से कई की उम्र 50 से अधिक है.
िजला समादेष्टा ने डीएम को लिखा पत्र
हॉस्पिटल में पहले तैनात थे गृहरक्षक
सदर अस्पताल में तीन-चार वर्ष पूर्व गृहरक्षकों की हीं प्रतिनियुक्ति की गयी थी, लेकिन निजी गार्ड के एजेंसी ने सेंटिंग-गेटिंग कर गृहरक्षकों को हटवा दिया और निजी गार्ड की तैनाती करा ली. तीन वर्ष से निजी गार्ड हीं काम कर रहे है. सदर अस्पताल में दो एजेंसी के गार्ड है. पुरानी एजेंसी के एकरारनामा की अवधि 30 मई 2016 को ही समाप्त हो गयी. अब तक एकरारनामा का नवीनीकरण नहीं किया गया है. इस बीच,
सीएस के स्तर से चार जुलाई 2016 को एक दूसरी एजेंसी से भी निजी गार्डों की सेवा ली जाने लगी. वकायदा दूसरी एजेंसी से भी एकरारनामा हुआ है. फिलहाल दोनों एजेंसी के करीब 22 गार्ड सिर्फ सदर अस्पताल में काम कर रहे है. अब सवाल उठता है कि एक तो अवैध रूप से सेवा ली जा रही है और एकरारनामा के बिना नवीणीकरण का पहले वाली एजेंसी का भुगतान कैसे होगा, यह पेचीदा सवाल बन गया है.
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