60 लाख वसूली, ढ़ाई करोड़ बकाया
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :22 Jul 2016 4:49 AM
विज्ञापन

होल्डिंग टैक्स. बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स की नहीं हो पा रही वसूली इन पर है बकाया सदर अस्पताल, गोयनका कॉलेज, ललित आश्रम, लोहिया आश्रम, गांधी मैदान व राजेंद्र भवन पर भी बकाया टैक्स वसूली नहीं होने से विकास हो रहा प्रभावित नौ हजार भवन मालिकों ने किया है टैक्स जमा सीतामढ़ी : किसी […]
विज्ञापन
होल्डिंग टैक्स. बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स की नहीं हो पा रही वसूली
इन पर है बकाया
सदर अस्पताल, गोयनका कॉलेज, ललित आश्रम, लोहिया आश्रम, गांधी मैदान व राजेंद्र भवन पर भी बकाया
टैक्स वसूली नहीं होने से विकास हो रहा प्रभावित
नौ हजार भवन मालिकों ने किया है टैक्स जमा
सीतामढ़ी : किसी भी शहर के विकास में सरकार के साथ-साथ शहर के आम अवाम की भूमिका भी अहम होती है. स्थानीय लोग यदि अपनी जिम्मेवारी को समझे व अपने दायित्वों का निर्वहन समय व ठीक से करें, तो उस शहर को विकसित होने से कोई नहीं रोक सकता. देश के कई विकसित शहर इसका उदाहरण है. देश के अधिकांश विकसित शहरों पर गौर करें, तो उस शहर के विकास में स्थानीय लोगों की अहम भूमिका नजर आता है.
वहां टैक्स की चोरी कम होती है. वहां के लोगों द्वारा समय से होल्डिंग टैक्स चुकाया जाता है. परिणाम स्वरूप वहां राजस्व की वसूली अधिक होती है और उस पैसे से शहर का विकास कार्य होता है. यानी होल्डिंग टैक्स का शहर के विकास में काफी अहम योगदान होता है.
नगर परिषद के टैक्स दारोगा कालिका नंदन प्रसाद से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद क्षेत्र में सभी प्रकार के भवनों को मिला कर करीब साढ़े 15 हजार भवन बनाये गये हैं. इनमें सरकारी भवनों की संख्या करीब 30 है.
करीब साढ़े छह हजार भवन अवैध तरीके से यानी नगर परिषद की स्वीकृति के बिना ही निर्माण करा लिये गये हैं. इनमें से करीब नौ हजार भवन मालिकों द्वारा टैक्स अदा किया जाता है. वह भी लाखों की जगह हजारों में. उन पर करीब ढ़ाई करोड़ रुपये एरियर बकाया है. नगर परिषद प्रशासन की ओर से इन टैक्स होल्डरों को बार-बार नोटिस भेजा जाता रहा है, लेकिन उन पर अब तक इसका कोई खास प्रभाव पड़ता दिखाई नहीं दिया है. नतीजतन कुल तीन करोड़ बकाया होल्डिंग टैक्स की जगह वित्तीय वर्ष 2015-16 में मात्र करीब 60 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी है.
जिन सरकारी भवनों पर होल्डिंग टैक्स के रूप में लाखों रुपये बकाया है, उनमें गोयनका कॉलेज, सदर अस्पताल, ललित आश्रम, लोहिया आश्रम, गांधी मैदान, राजेंद्र भवन व रेड क्रॉस भवन समेत अन्य सरकारी स्कूलों व कॉलेजों समेत अन्य सरकारी भवनों का नाम शामिल है.
शहर में साढ़े छह हजार भवन अवैध
टैक्स दारोगा श्री प्रसाद ने बताया कि समय से होल्डिंग टैक्स अदा करने वालों के लिए छूट का प्रावधान किया गया है, इसके तहत एक अप्रैल से 30 जून तक टैक्स अदा करने पर होल्डर धारियों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाती है. इस वित्तीय वर्ष में छूट के दौरान करीब 15 लाख रुपये होल्डिंग टैक्स के रूप में वसूली की गयी है. बताया कि विगत अप्रैल-2014 से लागू नियम के अनुसार नापी प्रतिवेदन के आधार पर खाली एवं निर्मित भवनों का टैक्स अदा करना है.
होल्डिंग टैक्स जमा करें: नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी तारकेश्वर प्रसाद साह ने बताया कि होल्डिंग टैक्स के पैसों से नगर परिषद के कर्मचारियों का वेतन भुगतान किया जाता है. बचे हुए राशि से शहर का विकास कार्य कराया जाता है. उन्होंने शहर के होल्डिंगधारियों से अपना होल्डिंग टैक्स समय से अदा करने की अपील की, ताकि शहर का विकास हो सके. बताया कि हालांकि नगर परिषद के कर्मचारियों का वेतन भुगतान समय से कर दिया जाता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










