सदर अस्पताल में तड़पती रही प्रसूता नहीं आयी डॉक्टर, हुई मौत, लोगों का फूटा गुस्सा

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सिविल सर्जन का आदेश मानने से इनकार कर रहीं महिला चिकित्सक 15 मई को पुपरी निवासी तबस्समु की बच्चे के साथ हो गयी थी मौत सदर अस्पताल की कुव्यवस्था से क्षुब्ध हैं जिले के लोग सीतामढ़ी : चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही व वरीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के […]

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सिविल सर्जन का आदेश मानने से इनकार कर रहीं महिला चिकित्सक
15 मई को पुपरी निवासी तबस्समु की बच्चे के साथ हो गयी थी मौत
सदर अस्पताल की कुव्यवस्था से क्षुब्ध हैं जिले के लोग
सीतामढ़ी : चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही व वरीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के मौत का सिलसिला नहीं थम रहा. समय पर इलाज नहीं होने के कारण तड़प-तड़प कर गर्भवती महिलाएं दम तोड़ रही है. 15 दिन के अंदर मंगलवार की रात सदर अस्पताल में नानपुर प्रखंड के नानपुर गांव निवासी दीपक कुमार की पत्नी नितु कुमारी की मौत हो गयी. नीतू के साथ गर्भ में पल रहा बच्चा भी दुनिया में आने से पहले मां के साथ दम तोड़ दिया. नीतू की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया.
सूचना मिलने पर सुबह में नगर थाना पुलिस पहुंची. जिसे परिजनों ने आक्रोश व्यक्त कर जाने पर मजबूर कर दिया. बाद में नगर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मिश्रा पहुंचे. जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर परिजन शांत हुए. बाद में पोस्टमार्टम करा कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया.
पीएचसी से सदर अस्पताल तक नहीं हुआ इलाज
मृतक नीतू के पति दीपक का कहना है कि रात 10 बजे घर पर नितु को नार्मल पेन शुरू हुआ. उसे लेकर परिवार के लोग पीएचसी पहुंचे. वहां गर्भवती महिला के इलाज की व्यवस्था नहीं होने के कारण रेफर कराकर सदर अस्पताल पहुंचे. भरती होने के बाद नितु दर्द से लगातार छटपटा रही थी. रात्रि तकरीबन एक बजे सदर अस्पताल पहुंचने पर नर्स ने इंजेक्शन दिया.
एक घंटा तक दर्द से नितु चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन कोई महिला चिकित्सक नहीं पहुंची. तब नर्स ने प्राइवेट हॉस्पीटल में भरती कराने की बात कही. मजबूरी में नीतू को लेकर डॉ अंजु सिन्हा के वैद्यनाथ नर्सिंग होम में पहुंची. वहां कंपाउंडर ने नितु के हालत को देखकर सदर अस्पताल ले जाने की बात कही. सदर अस्पताल पहुंचने के बाद नीतू की मौत हो गयी.
दीपक का आरोप है कि कागज पर ड्यूटी कर रही सुधा झा की लापरवाही के कारण नीतू की मौत हुई है. नितु को जो इंजेक्शन दिया गया है, उसकी जांच होनी चाहिए. दीपक ने नगर थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी कर कार्रवाई की मांग की है. गौरतलब हो कि गत 15 मई को पुपरी थाना के रामपुर गांव निवासी हयात कुरैशी की गर्भवती पुत्री तबस्समु खातून (22 वर्ष) की मौत हो गयी थी. परिजनों की शिकायत के बाद सिविल सर्जन डॉ रविंद्र कुमार ने जांच के बाद दो नर्स व दो ममता को दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया था.
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