शिक्षक की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया हंगामा

Updated at : 11 Oct 2017 3:17 AM (IST)
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शिक्षक की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया हंगामा

आरोप . घोरहट मठिया की घटना , शिक्षक को 11 साल से नहीं मिला था वेतन मांझी : प्रखंड के घोरहट मठिया निवासी व घोरहट मीडिल स्कूल के नियोजित शिक्षक 48 वर्षीय परशुराम यादव की बीती रात हार्ट अटैक के कारण मौत हो गयी. शिक्षक की मौत की खबर पाकर परिजनों ने शिक्षक का शव […]

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आरोप . घोरहट मठिया की घटना , शिक्षक को 11 साल से नहीं मिला था वेतन

मांझी : प्रखंड के घोरहट मठिया निवासी व घोरहट मीडिल स्कूल के नियोजित शिक्षक 48 वर्षीय परशुराम यादव की बीती रात हार्ट अटैक के कारण मौत हो गयी. शिक्षक की मौत की खबर पाकर परिजनों ने शिक्षक का शव उठाने से मना कर दिया . इस दौरान काफी संख्या में शिक्षक व ग्रामीण भी घर पर पहुंच गये. बताया जाता है कि शिक्षक को 11 साल से वेतन नहीं मिला है.
मौजूद शिक्षकों व ग्रामीणों ने विभाग पर अनियमितता का आरोप लगाया व जबरदस्त हंगामा किया. घटना की सूचना मिलने पर मौत के 12 घंटे बाद डीईओ राज कुमार सिंह के मृतक के घर पहुंचे और लोगों को समझाया, तब जाकर शव उठाया जा सका. सिंह ने मृतक की तमाम बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने, मृतक के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर रोजगार मुहैया कराने तथा मानदेय भुगतान में अनावश्यक रोड़ा अटकाने वाले क्लर्क अनिल मिश्रा समेत अन्य पर कार्रवाई का आश्वासन दिया.
इससे पहले मौत की खबर मिलने के बाद पहुंचे निरंजन सिंह, गुड्डू सिंह, शिक्षक नेता समरेंद्र बहादुर सिंह, राजकुमार सिंह, उमेश यादव, कुलदीप सिंह आदि ने घटना के लिए तत्कालीन डीपीओ तथा बीइओ समेत अन्य पदाधिकारियों को दोषी ठहराते हुए उन पर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग कर रहे थे. घटनास्थल पर पहुंचे बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा तथा थानाध्यक्ष अनुज कुमार पांडेय द्वारा समझाने का प्रयास बेअसर रहा.क्या है मामला
वर्ष 2006 में तत्कालीन मुखिया फुलपति देवी ने मृतक परशुराम यादव समेत कुल दस पंचायत शिक्षकों को चयनित कर योगदान कराया था तथा पूर्व मंत्री प्रो रवींद्रनाथ मिश्रा के अनुज नरेंद्र मिश्रा ने नियोजन को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में मामले को चुनौती दी थी. बावजूद इसके वर्ष 2014 नवंबर में हाईकोर्ट के आदेश पर प्राधिकार ने सभी दस शिक्षकों को वैध करार देते हुए क्रमशः एक लाख 50 हजार का रुपये मानदेय भुगतान कर दिया,
लेकिन दुर्भाग्य की बात यह हुई की बाकि शिक्षकों ने अपना मानदेय प्राप्त कर लिया, लेकिन मृतक ने अपने खाते में पहले से जमा 80 हजार के साथ इसे भी बेटी के विवाह के लिए उसी खाते पर छोड़ दिया, तभी शिकायतकर्ता के दुबारा आवेदन पर पदाधिकारियों ने उक्त खाते पर रोक लगा दी और विभागीय निर्देश के आलोक में ड्यूटी पर तैनात रहा. खाते पर रोक लगने के साथ ही इकलौते पुत्र ने भी घर छोड़ दिया और अबतक नहीं लौटा.
दो वर्ष पूर्व उक्त अवधि में इष्ट मित्रों के सहयोग से दो पुत्रियों की शादी हो सकी. एक वर्ष पूर्व हुए मृतक के पिता सुग्रीव यादव की मौत का सारा खर्च भी गांव व सगे संबंधियों ने वहन किया. गांव के लोग उसे अनाज व कपड़ा आदि उपलब्ध कराते थे. गांव के लोग उसकी दयनीय हालत तथा विभाग की प्रताड़ना की चर्चा में दिन भर मशगूल रहे.
ग्रामीणों ने विभाग पर अनियमितता का लगाया आरोप
डीईओ के पहुंचने पर किया गया दाह संस्कार
दोषियों पर होगी कार्रवाई : डीईओ
मृत शिक्षक परशुराम यादव के वेतन भुगतान के दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. विभाग के पदाधिकारियों के लापरवाही के चलते वेतन का भुगतान नहीं हो सका है. यह बात डीईओ राजकिशोर सिंह ने घोरहट मठिया गांव में ग्रामीणों से कही. उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर मृत शिक्षक के वेतन का भुगतान किया जायेगा. साथ ही विभाग से मिलने वाले अनुग्रह राशि के साथ-साथ मिलने वाले सभी लाभ परिजन को दिया जायेगा.
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