गणेश को संगीत में 100 में 83 अंक लेकिन सुर-ताल का भी ज्ञान नहीं
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Jun 2017 2:22 AM (IST)
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इंटर आट्र्स टॉपर की योग्यता पर उठे सवाल समस्तीपुर : इंटर आर्ट्स टाॅपर गणेश कुमार की प्रतिभा को लेकर पिछले दो दिनों से लगायी जा रही अटकलों को उस वक्त बल मिला, जब गुरुवार को काॅलेज परिसर में उससे पूछे जा रहे सवालों का सटीक जबाव ढूंढ़ने के लिए उसे इधर-उधर झांकना पड़ा. उसे हिंदी […]
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इंटर आट्र्स टॉपर की योग्यता पर उठे सवाल
समस्तीपुर : इंटर आर्ट्स टाॅपर गणेश कुमार की प्रतिभा को लेकर पिछले दो दिनों से लगायी जा रही अटकलों को उस वक्त बल मिला, जब गुरुवार को काॅलेज परिसर में उससे पूछे जा रहे सवालों का सटीक जबाव ढूंढ़ने के लिए उसे इधर-उधर झांकना पड़ा. उसे हिंदी के बाद सबसे अधिक संगीत में 83 अंक मिले हैं, लेकिन संगीत के बारे में पूछे जाने पर पता चला कि उसे सुर और ताल का मुकम्मल ज्ञान नहीं है. गिरिडीह के सरिया से यहां आकर डिग्री हासिल करने के पीछे उसने अन्यत्र नामांकन में काफी रकम मांगे जाने की बात कह कर भी सभी को चौंका दिया.
गणेश को संगीत.
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और तो और, उसने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य अरुणेंद्र कुमार की मौजूदगी में खुलासा किया कि कॉलेज में संगीत का कोई स्थायी शिक्षक नहीं है. पहले एक महिला शिक्षिका थीं. बाद में उनके चले पर कॉलेज प्रशासन कभी-कभार संगीत के किसी शिक्षक को बुला कर शिक्षा दिलाते थे. बातों-ही-बातों में गणेश ने खुद के टॉपर बनने पर हैरानी जताते हुए कहा कि संगीत विषय तो उसने अधिक-से-अधिक अंक प्राप्त करने के ही उद्देश्य से लिया था. इसमें वह सफल भी हो गया है.
2012 में रोजगार के लिए आया था समस्तीपुर
मूलरूप से झारखंड के गिरिडीह जिले के सरिया का रहनेवाले गणेश का कहना है कि पिता शंकरनाथ राम की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी उसके कंधे पर आ गयी. इसके कारण उसे बीच में ही पढ़ाई रोकनी पड़ी थी. दो बहनों की शादी की. एक बहन का ससुराल में तालमेल नहीं बैठा, जिससे मां के साथ उसकी जबावदेही भी उसने अपने ऊपर ही उठा रखी है.
रोजी- रोटी की तलाश में वह 2012 में समस्तीपुर पहुंचा. यहां अखबार बेच कर दिन गुजारने लगा. अखबार बेचते हुए उसने संजय गांधी हाइस्कूल, लक्षमिनिया, शिवाजीनगर से मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली. राम नंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक इंटर काॅलेज, चकहबीव के प्रचार पोस्टर को देख कर उसने यहां नामांकन करा लिया. गणेश की मानें, तो रिजल्ट निकलने से पूर्व ही वह अपने चाचा की मौत की खबर पर मुर्शिदाबाद चला गया. लौटने के क्रम में अखबार से ही उसे टॉपर होने की जानकारी मिली, तो वह सीधे कॉलेज पहुंचा.
सबसे अधिक अंक हिंदी में
स्टेट टॉपर गणेश कुमार को हिंदी में सर्वाधिक 92 अंक मिले हैं. साहित्य से जुड़े लोग इस मार्किंग से हैरान हैं कि भाषा साहित्य में किसी छात्र को इतने अंक कैसे आ सकते हैं. इसी तरह संगीत में 83, एनआरए व एमएल में 78, एचआइएस में 80, समाज अध्ययन 80 व मनोविज्ञान में 59 अंक मिले हैं.
वर्ष 2013 में मिली काॅलेज को स्वीकृति
समस्तीपुर के तत्कालीन डीइओ जयचंद श्रीवास्तव के कार्यकाल में इस काॅलेज को बिहार बोर्ड से मान्यता मिली थी. उस वक्त काॅलेज चेयरमैन प्रो राजमणि सिंह हुआ करते थे. काॅलेज की वर्तमान व्यवस्था देख कर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि चार वर्ष पहले इसकी क्या स्थिति रही होगी और किन परिस्थितियों में जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर बोर्ड के अधिकारियों ने इस काॅलेज को स्वीकृति दी होगी.
कॉलेज के संस्थापक सचिव जवाहर प्रसाद सिंह ने कहा कि टाॅपर छात्र ने स्वयं उपस्थित होकर मीडियाकर्मियों के समक्ष उनके प्रश्नों का उत्तर दिया है. अनावश्यक रूप से इसे तूल दिया जा रहा है. बच्चे की बात को सीधे-सीधे न रख कर मीडिया वाले अपने मुताबिक उसे परोस रहे हैं. वहीं, समस्तीपुर के डीइओ बीके ओझा ने कहा कि अब तक इस संबंध में किसी तरह की विभागीय सूचना नहीं है. आदेश के अनुरुप कदम उठाया जायेगा.
प्रभारी प्राचार्य को राज्यपाल व उपराष्ट्रपति के नाम नहीं पता
‘प्रभात खबर’ की टीम ने जब कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य अरुणेंद्र कुमार, जिन्होंने बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से एम कॉम की डिग्री हासिल की है, से जब बिहार के राज्यपाल का नाम पूछा गया, तो उन्होंने बताने में असमर्थता जता दी, वहीं उपराष्ट्रपति का नाम हामिद करजई बता दिया.
गणेश मेरिट के आधार पर टॉपर : िशक्षा मंत्री
पटना. इंटर आर्ट्स के टॉपर गणेश कुमार की योग्यता पर उठे सवाल को शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने सिरे से खारिज किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि किसी प्रकार का टॉपर स्कैम नहीं हुआ है. जिन बच्चों ने टॉप किया है या परीक्षा पास की है, वे सभी अपने मेरिट के हिसाब से टॉप या पास हुए हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने टॉपर की कॉपियों और अंकों को दोबारा देख कर ही उनके नामों का एलान किया है. उन्होंने कहा जिस विषय (संगीत) को आधार मान कर आर्ट्स टॉपर गणेश की योग्यता तय की जा रही है, उस विषय का प्रैक्टिकल भी होता है और होम सेंटर में ही उस स्कूल से ही नंबर दिये जाते हैं, जहां का वह छात्र है. इसकी जांच की जायेगी. अगर जांच में गड़बड़ी पायी गयी, तो उस पर कार्रवाई भी की जायेगी.
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