हत्या व आर्म्स एक्ट के वांछितों पर होगी नजर

Published at :08 Sep 2017 4:15 AM (IST)
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हत्या व आर्म्स एक्ट के वांछितों पर होगी नजर

समस्तीपुर : अब हत्या व आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछितों पर पुलिस की नजर है. इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गयी है. गुरुवार को पुलिस अधीक्षक दीपक रंजन ने अपने कार्यालय कक्ष में थानाध्यक्षों के साथ बैठक की. इस क्रम में बारी-बारी से सभी थानों में दर्ज हत्या व […]

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समस्तीपुर : अब हत्या व आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछितों पर पुलिस की नजर है. इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गयी है. गुरुवार को पुलिस अधीक्षक दीपक रंजन ने अपने कार्यालय कक्ष में थानाध्यक्षों के साथ बैठक की. इस क्रम में बारी-बारी से सभी थानों में दर्ज हत्या व आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों की समीक्षा की. इस दौरान एसपी ने उन सभी कांडों पर खास नजर डाली है. इस मामले में आरोपित अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर घूम रहे हैं.

इनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को लेकर थानाध्यक्षों को विशेष टास्क दिया गया है. पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्षों को स्पष्ट आदेश दिया कि यदि कोई आरोपित किसी अन्य जिलों में जा छुपे हैं, तो संबंधित जिला के एसपी से सहयोग लेेने के लिए हर संभव मदद करने की बात कही. उन्होंने कहा कि 15 दिनों के बाद इन कांडों की एक बार फिर से समीक्षा की जायेगी. उस दौरान यह देखा जायेगा कि किस थाने में हत्या व आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में कितनी प्रगति हुई है. यदि प्रगति संतोषजनक नहीं मिली तो संबंधित अनुसंधानक पर कार्रवाई की जायेगी.

पुलिस अधीक्षक ने कांडों की समीक्षा कर दिया गिरफ्तारी का निर्देश
15 दिनों के बाद स्थिति की फिर से होगी समीक्षा
हत्या व आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में 150 आरोपित फरार चल रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिल पायी है. ऐसे में इन मामलों को लेकर अनुसंधानक पर सवालिया निशान भी खड़े हो रहे हैं. पीड़ित पक्ष न्याय की आस में पुलिस पर लगातार नजरें जमा रखी है. एसपी के इस कदम से पीड़ितों में न्याय के प्रति भरोसा मजबूत होगा.
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक दीपक रंजन ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी मामले में आरोपित की गिरफ्तारी नहीं होना कार्य प्रणाली पर सवाल है. ऐसे मामलों में कोर्ट से निर्देश लेकर आरोपितों के घर कुर्की जब्ती की कार्रवाई करना गिरफ्तारी का विकल्प नहीं हो सकता है. क्योंकि इसके बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी करनी ही है. इसलिए पुलिस हर हाल में हत्या और आर्म्स एक्ट के आरोपितों की गिरफ्तारी ही सुनिश्चित करे.
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