अवैध नियुक्ति की जायेगी रद्द नप. नगर विकास व आवास विभाग ने जारी किया आदेश

Published at :21 Sep 2016 4:03 AM (IST)
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अवैध नियुक्ति की जायेगी रद्द नप. नगर विकास व आवास विभाग ने जारी किया आदेश

पटना उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका संजय सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में नगर परिषद में अवैध नियुक्ति का मामला लाया गया था. कोर्ट के आदेश पर गठित जांच समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन में अधिकांश नियुक्तियों में भारी अनिमियता पायी गयी. सहरसा : नगर परिषद सहरसा में नियुक्त कर्मियों के विवादस्पद नियुक्ति प्रक्रिया […]

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पटना उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका संजय सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में नगर परिषद में अवैध नियुक्ति का मामला लाया गया था. कोर्ट के आदेश पर गठित जांच समिति द्वारा जांच प्रतिवेदन में अधिकांश नियुक्तियों में भारी अनिमियता पायी गयी.

सहरसा : नगर परिषद सहरसा में नियुक्त कर्मियों के विवादस्पद नियुक्ति प्रक्रिया पर विराम लगाते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी को नियुक्त कर्मियों की सेवा समाप्त कर विभाग को अवगत कराने का आदेश दिया है.
बिना स्वीकृति नियुक्ति पक्की
नगर विकास विभाग ने बिना स्वीकृति के पदों पर नियुक्ति के मामले को गंभीरता से लिया है. विभागीय जांच प्रतिवेदन के अनुसार वर्ग तीन के 26 तथा वर्ग चार के 55 पद स्वीकृत होने की जानकारी कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा दी गयी. लेकिन स्वीकृत्यादेश अनुपलब्ध पाया गया. जांच के क्रम में कई मामले भी सामने आये. जिसमें नप के कार्यशैली पर भी सवाल उठा नप के सहायक कर संग्रहक गणेश लाल देव की सेवा पुस्तिका सादा है.
संतोष कुमार, सहायक की नियुक्ति वर्ष 1993 में हुई जिसका कोई साक्ष्य उपलब्ध नही है. विजय दास, शिवेन्द्र भगत, मो रजीउद्धीन, विवेकानंद झा, मनोज कुमार गुप्ता, जितेन्द्र कुमार, ललित कुमार, पंकज पंडित, मो हसनैन के नियुक्ति के साक्ष्य अनुपलब्ध है.
नियुक्ति में आरक्षण संबंधी नियमों का नहीं किया गया पालन
सहरसा नप में कार्यरत कर्मियों की नियुक्ति संबंधित विहित प्रक्रिया का अनुपालन करने में कोताही बरती गई नही आरक्षण के नियमों का पालन किया गया. रिपोर्ट के अनुसार चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाये गये और स्पष्ट करते हुए कहा गया कि पूर्व से ही कार्यरत कर्मियों के चयन हेतु विज्ञापन में शर्तो को इस प्रकार रखा गया कि पूर्व से नियुक्त कर्मियों का ही चयन हो सके, परंतु इन कर्मियों की स्थायी नियुक्ति के स्थान पर संविदा पर की गयी. नप के गौतम कुमार, अमित कुमार एक एवं दो, आनंद कुमार, अनिल कुमार, मनीष कुमार, रघुनाथ पासवान एवं बैद्यनाथ पासवान को नव सृजित पद के आलोक में पुन: नियुक्ति की गयी. माननीय पटना उच्च न्यायालय में पारित आदेश सामान्य बोर्ड की बैठक एवं सशक्त स्थायी कमेटी के पारित प्रस्ताव के आदेश को आधार को मानते हुए स्थानीय नियुक्ति की जानी थी, परंतु लाभ को ध्यान में रखते हुए नियुक्ति की गयी. व्यक्ति विशेष के लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से हुई इस कार्रवाई से वर्तमान स्थिति में पुन: इसे पद से हटाये जाने के सवाल पर याचिका कर्ता संजय कुमार कहते है कि इन कर्मियों को गलतफहमी में डाल कर व्यक्तिगत लाभ को देखते हुए इन कर्मियों को अंधेरे में रख कर नियुक्ति की गयी. जिससे कर्मी उम्र के इस मुकाम में अन्यत्र नौकरी भी नहीं पा सकते हैं.
… आदेश के अनुरूप ही कार्य किया जायेगा. संबंधित पक्ष एवं वस्तु स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा रही है.
दिनेश राम, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद
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