इलाज के बाद दवा व जांच भी बंद
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Aug 2016 8:00 AM (IST)
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आइएमए के आह्वान पर डॉ ब्रजेश सिंह से रंगदारी मांगने व गोली चलाने के विरोध में जारी हड़ताल पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रही. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शहर में दो दवा दुकान छोड़ सभी दुकानें, पैथोलोजी सेंटर, एक्सरें सेंटर स्वत: बंद रही. हालांकि इस दौरान सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा पूर्व की […]
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आइएमए के आह्वान पर डॉ ब्रजेश सिंह से रंगदारी मांगने व गोली चलाने के विरोध में जारी हड़ताल पांचवें दिन मंगलवार को भी जारी रही. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शहर में दो दवा दुकान छोड़ सभी दुकानें, पैथोलोजी सेंटर, एक्सरें सेंटर स्वत: बंद रही. हालांकि इस दौरान सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा पूर्व की तरह मरीजों के लिये खुली रही.
जबकि आइएमए ने झंडोत्तोलन के बाद इमरजेंसी सेवा को ठप कर लार्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवा चालू करने की बात कही थी. हालांकि आइएमए का इमरजेंसी भी लोगों की सुविधा के लिये खुली रही. जहां आइएमए से जुड़े सदस्य रोस्टर के अनुसार मरीजों के इलाज के लिये उपलब्ध रहे. सहरसा आइएमए के समर्थन में मधेपुरा व सुपौल के सदस्य भी कूद पड़े है. डॉक्टरों ने कहा कि जबतक सही अपराधी को पकड़ा नहीं जाएगा हड़ताल जारी रहेगा.
सहरसा : आइएमए द्वारा जारी हड़ताल में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को झंडोतोलन के बाद बैजनाथपुर स्थित लार्ड बुद्वा मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवा चालू किया गया. आइएमए सचिव डॉ राकेश कुमार ने बताया कि इमरजेंसी सेवा ठप करने की सूचना प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग को दे दी गयी है. सिविल सर्जन ने पत्र जारी कर जनहित को देखते हुए इमरजेंसी सेवा को चालू रखने की बात कही है. जनहित को देखते हुए ही आइएमए ने लार्ड मेंडिकल कॉलेज में इमरजेंसी सेवा चालू करने का निर्णय लिया है. प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग यदि संवेदनशील है तो सदर अस्पताल से मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजने की व्यवस्था करे. उन्होंने कहा कि रोष्टर के अनुसार आइएमए व भाषा से जुड़े सदस्य मरीजों का इलाज करेंगे.
अन्य संगठनों ने भी दिया समर्थन : डॉक्टरों के हड़ताल को यूथ फोरम व फ्रेंड्स ऑफ आनंद ने भी समर्थन देते प्रशासन से अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की है. युथ फोरम के कुंदन सम्राट व फ्रेंड्स ऑफ आनंद के राजन आनंद ने आक्रोश व्यक्त करते कहा कि डॉक्टर का काम हड़ताल करना नही है. लेकिन प्रशासन के असंवेदनशील रवैये के कारण उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा जो समाज के लिये अशुभ संकेत है. उन्होने प्रशासन से अपराधी को गिरफ्तार कर समाज के सामने बेनकाब करने की मांग की है. मार्च व धरना में आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ एसपी सिंह, सचिव डॉ राकेश कुमार, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक डॉ एके चौधरी, डॉ भुवन कुमार सिंह, डॉ गोपाल शरण सिंह, डॉ एसपी झा, डॉ विमल कुमार, सह संयोजक कैलाश पचेरिया, डॉ ए कलाम, डॉ एके इशर, डॉ एसएन चौधरी, डॉ पीके सिंह, डॉ मोती वर्मा, डॉ सुशील कुमार, डॉ डीपी गुप्ता, डॉ जितेंद्र सिंह, डॉ सीएम चौधरी, डॉ पीके मल्लिक, डॉ ललन कुमार, डॉ शिलेंद्र कुमार, डॉ रंजेश कुमार सिंह, डॉ आइडी सिंह, डॉ अनुज कुमार, डॉ एसके अनुज, डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ राजीव कुमार, टीपू झा, राघव सिंह, कुणाल, आयुष संघ के डॉ एसएनपी सिंह, डॉ मो मोइजउद्वीन, डॉ केसी भूषण, डाू संजय शर्मा, डॉ अखिलेश कुमार, डाू आरके सिंह, डॉ कमर सालेह, डॉ शिवेंद्र कुमार, एक्सरे संघ के शंभु उपाध्याय, सुनील झा सहित अन्य शामिल थे.
मरीजों को नहीं होगी परेशानी
सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा व सभी निजी नर्सिंग होम में पांचवें दिन भी ताला लटके रहे. हांलाकि आइएमए के आह्वान के बाद भी सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा चालू रही. सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह स्वयं हरेक गतिविधि पर नजर बनाये हुए है.
सीएस के अलावें उपाधीक्षक डॉ अनिल कुमार स्वयं इमरजेंसी में चिकित्सकों के मदद में रहे. सीएस डॉ सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल में इमरजेंसी सेवा जारी रहेगा. हड़ताल में किसी को कोई परेशानी नही हो इसके लिये अन्य पीएचसी से भी कर्मियों को आपातकाल के लिये पत्र जारी किया गया है. किसी को कोई परेशानी नही होने दी जाएगी.
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