बरस रहे आग के गोले, झुलस रहा है जनजीवन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :11 Apr 2016 5:17 AM (IST)
विज्ञापन

सूख रहे हैं चापाकल व कुएं गरमी की वजह से लोगों को लगती है अधिक प्यास सहरसा मुख्यालय : अप्रैल महीना शुरू होते ही सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. सुबह चढ़ते ही आसमान से आग के गोले बरसने लगते हैं. तेज तपिश से जनजीवन एकाएक असामान्य हो गया है. झड़क […]
विज्ञापन
सूख रहे हैं चापाकल व कुएं
गरमी की वजह से लोगों को लगती है अधिक प्यास
सहरसा मुख्यालय : अप्रैल महीना शुरू होते ही सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. सुबह चढ़ते ही आसमान से आग के गोले बरसने लगते हैं. तेज तपिश से जनजीवन एकाएक असामान्य हो गया है. झड़क मारती गरम हवा लोगों के अलावे पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों को भी झुलसा रही है. धरती का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है.
जिससे चापाकल, कुएं व तालाब सूखते जा रहे हैं. इधर दिन के अलावे रातों में भी प्यास लगने की रफ्तार बढ़ गई है. दिन में लोगों का घरों से निकलना बंद हो गया है. जबकि अभी चैत का ही महीना चल रहा है. गरमी का मूल महीना वैशाख और जेठ अभी बाकी ही है.
बच कर रहना ही है उपाय
चिलचिलाती गरमी से बच कर रहना ही इसका एकमात्र उपाय है. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एस प्रसाद कहते हैं कि तेज धूप और गरम हवाएं लोगों को कई रूप से परेशान करते हैं. लू लग जाता है. जो ठीक होने में लंबा समय लेता है. लापरवाही बरतने से लू का अटैक लीवर पर भी होने लगता है. हेपेटाइटिस के भी लक्षण आने शुरू हो जाते हैं. कभी-कभी मनुष्य की मौत तक हो जाती है. डॉ प्रसाद कहते हैं कि लू के कई लक्षण हैं. भूख नहीं लगना, बार-बार कै व दस्त का आना, दस्त में आंव आना आदि. प्रारंभिक लक्षण के दिखने पर तुरंत घरेलू नुस्खे से इलाज शुरू कर देना चाहिए. नहीं तो यह परेशानी का सबब बन सकता है.
यदि लू लग जाये तो…
डॉ एस प्रसाद कहते हैं कि यदि लू लग जाए तो सर्वप्रथम शरीर को पूरा आराम दें. ठंडा पेय व ठंडे फलों का उपयोग शुरू कर दें. दिन भर में दो से तीन बार ठंडे पनी से स्नान करें. भोजन आवश्यकता से थोड़ा कम ही लें. सुधार नहीं होने पर किसी फिजीशियन से मिलें.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




