डॉक्टर हड़ताल पर, बच्चे की मौत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Feb 2016 7:34 AM (IST)
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आइएमए के आह्वान पर सरकारी व निजी अस्पतालों में कामकाज ठप सहरसा सिटी : शहर के दो डॉक्टर व एक पैथोलोजी संचालक से रंगदारी मांगने व दो सप्ताह के बाद भी पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने के विरोध में आइएमए के आह्वान पर सोमवार से शहर के सभी चिकित्सक हड़ताल पर चले […]
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आइएमए के आह्वान पर सरकारी व निजी अस्पतालों में कामकाज ठप
सहरसा सिटी : शहर के दो डॉक्टर व एक पैथोलोजी संचालक से रंगदारी मांगने व दो सप्ताह के बाद भी पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने के विरोध में आइएमए के आह्वान पर सोमवार से शहर के सभी चिकित्सक हड़ताल पर चले गये. इसी दौरान इलाज के अभाव में एक बच्चे की मौत हो गयी.
निजी अस्पतालों से चक्कर काट निराश अस्पताल लौटने के दौरान ही बच्चे की मौत हो गयी. हालांकि सदर अस्पताल की इमरजेंसी सेवा को हड़ताल से अलग रखा गया है. लेकिन बच्चे के वहां पहुंचने से पहले ही मौत हो गयी.
प्रशासन से ठोस आश्वासन की मांग : हड़ताल के पहले ही दिन दस बजे के लगभग सभी चिकित्सक व आइएमए पदाधिकारी सदर अस्पताल पहुंच उपाधीक्षक वेश्म में अपनी रणनीति बनाने में जुट गये.
इसके बाद सभी रेडक्राॅस पहुंचे. वहां भी बैठक हुई. सभी डॉक्टर एक स्वर से हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रशासन से सुरक्षा के ठोस आश्वासन पर ही लौटने की बात पर अडे रहे. सूचना पर सदर एसडीओ जहांगीर आलम, सदर एसडीपीओ सुबोध विश्वास व सदर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह रेडक्रास पहुंचे व डॉक्टरों से चिकित्सा सेवा बहाल करने का आग्रह किया. लेकिन वार्ता बेनतीजा रही.
इसी बीच सदर अस्पताल में डायरिया पीड़ित एक छह माह के बच्चे की मौत हो गयी. परिजनों ने बताया कि सुपौल से रेफर कर दिया गया था. हड़ताल की कोई सूचना नहीं थी.
सहरसा पहुंचने पर पता चला कि हड़ताल है. बावजूद कई क्लीनिकों का चक्कर लगाया. थक हारकर सदर अस्पताल पहुंचते ही बच्चे ने दम तोड़ दिया. हड़ताल से शहर की चिकित्सा व्यवस्था पुरी तरह ठप पड़ गयी है. खुद सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह अस्पताल में कैंप कर रहे थे.
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