बबलू हत्याकांड: किस काम की पुलिस व संवेदनहीन बनगांव थाना

Published at :27 Dec 2015 7:01 PM (IST)
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बबलू हत्याकांड:  किस काम की पुलिस व संवेदनहीन बनगांव थाना

बबलू हत्याकांड: किस काम की पुलिस व संवेदनहीन बनगांव थाना प्रभात फॉलोअप19 दिसबंर को आइटीबीपी जवान की हुई थी हत्याविभागीय कार्रवाई ही नहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष पर दर्ज हो मामलाप्रतिनिधि, सहरसा नगरपड़री गांव निवासी आइटीबीपी जवान बबलू खां की हत्या को दस दिन बीत चुके है. मृतक जवान की पत्नी मनीषा देवी द्वारा गांव के मुखिया […]

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बबलू हत्याकांड: किस काम की पुलिस व संवेदनहीन बनगांव थाना प्रभात फॉलोअप19 दिसबंर को आइटीबीपी जवान की हुई थी हत्याविभागीय कार्रवाई ही नहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष पर दर्ज हो मामलाप्रतिनिधि, सहरसा नगरपड़री गांव निवासी आइटीबीपी जवान बबलू खां की हत्या को दस दिन बीत चुके है. मृतक जवान की पत्नी मनीषा देवी द्वारा गांव के मुखिया रूपेश खां सहित सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाते प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. पुलिस लगातार मुख्य आरोपी मुखिया रूपेश खां को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाने का दावा कर रही है, लेकिन हत्यारोपी मुखिया पुलिस विभाग को चकमा देने में कामयाब हो रहा है. प्रशासन की चौकसी के बाद मुखिया के गायब रहने की सूचना स्थानीय लोगों के आक्रोश को बढ़ा रहा है. —-ग्रामीणों बोले, कमलेश पर हो कार्रवाईपड़री के लोगों ने बताया कि बबलू खां के अपहरण के बाद उसकी पत्नी सीधे बनगांव थाना पहुंची थी, जहां तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा काफी ज्यादती की गयी थी. ग्रामीणों ने कहा कि थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने मृतक बबलू की पत्नी से मोबाइल लेकर कुछ देर रूकने की बात कहीं थी. ग्रामीण बताते है कि सभी पुलिस के लोग मुखिया के समर्थन में ही मनीषा से बूरा भला कह रहे थे. ग्रामीण बताते है कि अपहरण के बाद भी हत्यारोपी मुखिया रूपेश खां व थानाध्यक्ष कमलेश कुमार की आपसी बातचीत हुई थी. लेकिन थानाध्यक्ष हत्या की वारदात को रोकने के बजाय थाना में जमा रहा. ग्रामीणों ने कहा कि दोषी थानाध्यक्ष पर विभागीय कार्रवाई के अलावा आपराधिक मामला भी चलना चाहिए. —तकनीक का प्रयोग नहीं करती पुलिसहत्यारोपी मुखिया रूपेश की गिरफ्तारी में पुलिस अभी भी सूचना तंत्र का व्यापक प्रयोग नहीं कर रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस द्वारा गिरफ्तारी से पूर्व मुखिया के संपत्ति को जब्त कर कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि समाज को हिंसा की आग में झौंकने वाले तत्वों का सामाजिक बहिष्कार किया जा सके. कॉल डिटेल से नपेगा मुखियाबबलू खां की नृशंस हत्या के बाद पुलिस का अनुसंधान सुस्त गति से चल रहा है. ग्रामीण बताते है कि तकनीक की दुनिया में पुलिस भी क्राइम कंट्रोल में इसका प्रयोग करती है. लोग बताते है कि मुखिया व उसके सहयोगियों सहित थानाध्यक्ष रहे कमलेश कुमार के कॉल डिटेल रिपोर्ट को निकाल हत्याकांड से जुड़े सभी नामों को सामने लाया जा सकता है. फोटो- रूपेश 11- मुखिया रूपेश खां

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