नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ खतरनाक : राजेंद्र

Published at :25 Apr 2015 10:37 AM (IST)
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नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ खतरनाक : राजेंद्र

सरायगढ़ : जल-जन जोड़ो अभियान के तहत नदी पुनर्जीवन के लिए कोसी-कमला नदी संसद का आयोजन गुरुवार को स्थानीय बीएन इंटर कॉलेज परिसर में हुआ. संसद में विशेष तौर पर उपस्थित जल विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने कहा कि कोसी की समस्याओं के निदान के लिए नदी संसद का गठन किया गया था. उन्होंने कहा कि […]

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सरायगढ़ : जल-जन जोड़ो अभियान के तहत नदी पुनर्जीवन के लिए कोसी-कमला नदी संसद का आयोजन गुरुवार को स्थानीय बीएन इंटर कॉलेज परिसर में हुआ. संसद में विशेष तौर पर उपस्थित जल विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह ने कहा कि कोसी की समस्याओं के निदान के लिए नदी संसद का गठन किया गया था.

उन्होंने कहा कि नदियां जीवन दायिणी होती हैं. माता के समान नदी के सहयोग से सभ्यता व संस्कृति का विकास होता है. गंगा सहित अन्य छोटी बड़ी नदियों ने भारत की आत्मा को सिंचित किया है. लेकिन वर्तमान में परिदृश्य भयावह हो चला है. हमारी कारगुजारियों की वजह से नदियां प्रदूषित हो रही हैं.

फैक्टरियों का कचरा अमृत समान जल को जहरीला बना रहा है. लिहाजा नदी के अस्तित्व को बचाये रखने की हम सब की जिम्मेवारी है. जल पुरुष के नाम से पहचान बनाने वाले श्री सिंह ने कहा कि बाढ़ और सुखाड़ एक ही सिक्के के दो पहलू हैं.

उनके प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ का दुष्परिणाम इनसानों को भुगतना पड़ता है. अवध नारायण यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान कोसी नदी संसद का गठन किया गया. इसमें निर्मली एसडीओ अरुण कुमार सिंह, प्रखंड प्रमुख विजय कुमार यादव, पंचम भाई, चंद्रशेखर, प्रकाश प्राण, यदुनाथ मेहता, श्रीप्रसाद यादव, रमेश कुमार आदि सदस्य बनाये गये. बैठक के प्रारंभ में संसद का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर सदर एसडीओ विमल कुमार मंडल, बीडीओ वीरेंद्र कुमार, सीओ कौशल किशोर द्विवेदी, प्राचार्य अवध नारायण सिंह, पूर्व विधायक विजय कुमार गुप्ता, मुखिया जगदेव पंडित, रामजी सन्मुख, ब्रrादेव यादव, सावित्री देवी, मोती राम, सियाराम यादव आदि मौजूद थे.

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