नप की गंदगी साफ कर रहे युवा

Updated at : 06 Sep 2017 3:48 AM (IST)
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नप की गंदगी साफ कर रहे युवा

सहरसा : लगभग दो माह पूर्व नगर परिषद में अधिकारी के बदलने से शहर की सूरत बदलने की उम्मीद जगी थी. कुछ दिनों तक ऐसा रुतबा दिखा भी था. लेकिन उतनी ही तेजी से कार्यक्षमता को समेट भी लिया गया. नप अपने पुराने रवैये पर लौट गया. शहर में सफाई की व्यवस्था धरी-की-धरी रह गयी. […]

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सहरसा : लगभग दो माह पूर्व नगर परिषद में अधिकारी के बदलने से शहर की सूरत बदलने की उम्मीद जगी थी. कुछ दिनों तक ऐसा रुतबा दिखा भी था. लेकिन उतनी ही तेजी से कार्यक्षमता को समेट भी लिया गया. नप अपने पुराने रवैये पर लौट गया. शहर में सफाई की व्यवस्था धरी-की-धरी रह गयी.

मुख्य मार्ग को गंदा कर रहा नप

नगर परिषद शहर से कचरे का उठाव कर शहरी क्षेत्र से दूर गिराने की बजाय वीर कुंवर सिंह चौक से पश्चिम सदर एसडीओ आवास की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर रमेश झा महिला महाविद्यालय व गर्ल्स हाइ स्कूल के बगल में गिरा रहा है. नगर परिषद की इस कार्यशैली को देख सब्जी वाले भी सड़ी सब्जी का बोरा यहीं फेंकने लगे हैं. कचरों के कारण यहां 24 घंटे सूअर घूमते रहते हैं और गंदगी को और भी कई गुना बढ़ाते रहते हैं. नप की लापरवाही से मुख्य सड़क के किनारे सूअर का बाड़ भी बना लिया गया है. जिसे रोकने या उजाड़ने वाला कोई नहीं है. सड़े-गले सामानों के सड़ांध व सूअरों के विचरण के कारण इस मार्ग से लोगों का गुजरना दूभर हो गया है. स्कूल कॉलेज की छात्राओं को नाक पर रूमाल रख जल्दी से पार कर लेने की नौबत बनी रहती है.

हॉस्टल की नहीं खुलती है खिड़की

पिछले दो महीने से गर्ल्स हाइ स्कूल परिसर में पानी जमा है. स्कूल परिसर की चहारदिवारी भी टूटी हुई है. एक तो महीनों से जमा पानी सड़ चुका है. दूसरा बाहर फैले सड़े-गले कचरे उस पानी में तैरते रहते हैं. दुगुनी सड़ांध स्कूल की छात्राओं व शिक्षिकाओं को कक्षा की खिड़की खोलने नहीं देती. वहीं गर्ल्स हाइ स्कूल परिसर स्थित ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं का जीना व स्वस्थ रहना भी मुहाल हो गया है. हॉस्टल की छात्राएं बताती हैं कि वे मौसमी हवा का आनंद नहीं ले पा पाती हैं. जब भी खिड़की खोलती हैं. सड़ांध मारती बदबू आती है. जिससे उन्हें तुरंत फिर से खिड़की बंद करना पड़ता है. इधर गर्ल्स स्कूल की डे स्कॅालर छात्राओं ने बताया है कि वह दो महीने से खिड़की खोली ही नहीं है.

युवा छिड़क रहे ब्लीचिंग पाउडर

आश्चर्य है कि शहर का प्रमुख मार्ग होने के बाद भी महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थाओं के किनारे नगर परिषद स्वयं गंदगी फैला रहा है. लेकिन वातावरण को दूषित होने से रोकने के लिए आज तक चूना या ब्लीचिंग का छिड़काव नहीं कराया है. गुजरने में परेशानी बढ़ने के बावजूद नगर परिषद को संवेदनशील नहीं होता देख न्यू कॉलोनी के युवाओं ने कमर कसी और अब तक दो बार पीएचइडी कॉलोनी से लेकर महिला कॉलेज तक ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया. टिंकू सरकार के नेतृत्व में गोपाल राज, रजनीश कुमार, शिव केशव, पिंटू सिंह, गोविंद, अभिषेक आर्यन, अविनाश, मिक्की, गोलू, अनुभव श्रीवास्तव, रतन कुमार ने लगभग दो सौ रुपये का ब्लीचिंग खरीद सड़क के किनारे छिड़काव किया. टिंकू ने बताया कि नगर परिषद उलटा काम ही करती रही है. जिस जगह को साफ रखना चाहिए उसे और गंदा ही करने में जुटी है.

नप ने बंद किया बहाव का मार्ग

दूसरी बड़ी बात कि शहर में पानी निकासी की पुरानी व्यवस्था को नगर परिषद ने ही ध्वस्त कर दिया है. पानी टंकी, महिला कॉलेज, गर्ल्स हाइ स्कूल, डीआरसीसी, सुपर मार्केट, जिला स्कूल के आगे बरसात के पानी के लिए खाली जगह छोड़ी गयी थी. जहां पानी जमा होने के बाद इधर-उधर घुमड़ती रहती थी. कच्ची मिट्टी होने के कारण कुछ पानी मिट्टी सोंख लेती थी तो कुछ पानी घूमते-घूमते वाष्पित भी हो जाती थी. नगर परिषद पानी के इस मार्ग में कचरा डाल इसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है. इसके अलावे नप की अनदेखी व लापरवाही के कारण महिला कॉलेज से लेकर गर्ल्स हाइ स्कूल तक दुकानदारों ने दीवार सटा मिट्टी भरा दुकान खोल लिया है. जिससे पानी को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल रहा है और वह वहीं सड़ जाने को विवश है.

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