चेतें, नहीं तो रुलायेगा

Published at :20 Mar 2016 8:37 AM (IST)
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चेतें, नहीं तो रुलायेगा

अजीब विडंबना है सासाराम शहर में पानी को लेकर. कहीं बरबाद हो रहा है, तो कहीं गंभीर संकट है. लोगों को खरीद कर पीना पड़ रहा है. गरमी शुरू होते ही समस्या शुरू हो गयी है. आधा शहर सप्लाइ वाली पानी पर ही निर्भर है. लेकिन उनके कंठ तक भी पानी सही सलामत नहीं पहुंच […]

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अजीब विडंबना है सासाराम शहर में पानी को लेकर. कहीं बरबाद हो रहा है, तो कहीं गंभीर संकट है. लोगों को खरीद कर पीना पड़ रहा है. गरमी शुरू होते ही समस्या शुरू हो गयी है. आधा शहर सप्लाइ वाली पानी पर ही निर्भर है. लेकिन उनके कंठ तक भी पानी सही सलामत नहीं पहुंच रहा है. इधर, स्वच्छ पेयजल पहुंचाने कीजिम्मेदारी संभालने वाले पीएचइडी कार्यालय में ही जब पानी बरबाद हो रहा है, तो बाकी जगह की क्या बात होगी.
ससाराम(रोहतास) : गरमी शुरू होते ही शहर में पीने के पानी की समस्या शुरू हो गयी है. आधा शहर सप्लाइ वाली पानी पर ही निर्भर है. इन क्षेत्रों में लगे सरकारी चापाकल गरमी शुरू होते ही सूखने लगे हैं.
अब उन चापाकलों से गंदा पानी निकल रहा है, जो अधिक गरमी पड़ने पर सूख जायेंगे. गरमी में इन क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मच जाता है.
शहर के न्यू एरिया, बौलिया, चौखंडी गोला बाजार, मदार दरवाजा जानी बाजार, शेरगंज, शोभागंज, चलनिया सहित कई मुहल्ले के लोग हर वर्ष पानी की किल्लत झेलते है. पीने के लिए भी पानी को तरस जाते हैं. पानी खरीद कर पीने को विवश हैं. सप्लाइ की पानी भी सुचारु रूप से नहीं होती. कई मुहल्लों में तो सप्लाइ की पानी तक नहीं पहुंचाती है. गरमी में यहां के लोगों को दूसरे मुहल्ले से पानी ढो कर लाना पड़ता है. सप्लाइ के नलों पर पानी लेने के लिए लोगों की लंबी कतार लगानी पड़ती है. बच्चे महिलाएं दूर से पानी ढोने को विवश हैं. न तो नयी पाइप बिछाई जा रही है न तो टूटे पाइप की मरम्मत नहीं करायी गयी. इससे पानी बेकार बह कर बरबाद हो जाता है.
दो जलमीनार बने, पर बेकार
शहर में जल संकट को दूर करने के लिए दो जलमीनार बनाये गये, लेकिन वर्षों से लोगों को क बूंद पानी नसीब नहीं हुआ. जानी बाजार निवासी नवल किशोर शिव कुमार सहित कई लोगों का कहना है कि मुहल्ले में गरमी शुरू होते ही जल संकट गहराने लगा है. सरकारी चापाकल भी लगभग सुख गये हैं.
सप्लाइ वाला पानी भी सुचारू रूप से नहीं मिलता. घंटों का समय पीने के पानी की व्यवस्था करने में लग जाता है. मदार दरवाजा निवासी जावेद अख्तर का कहना है कि गरमी में खरीद कर पानी पीना पड़ता है व दूसरे मुहल्लो से पानी ढो कर लाना पड़ता है. सब्जी सराय मुहल्ला निवासी मोहम्मद एयाज राइन कहते हैं कि गरमी में सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है, जो वर्षों से झेल रहे है.
लेकिन, कोई भी जन प्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देता. रालोसपा के प्रदेश महासचिव नवल किशोर राय उर्फ धनजी राय का कहना है कि शहर की एक बड़ी आबादी को पीने के लिए पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है. लोग खरीद कर पानी पीने को मजबूर हैं. इन क्षेत्रों में नये सिरे से सप्लाइ पाइप लाइन बिछा सभी घरों तक पानी पहुंचाया जाये. नयी बनी दो पानी टंकी वर्षों से शोभा की वस्तु बनी है. उससे पानी सप्लाइ शुरू की जाये.
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